Published On : Sat, Jul 4th, 2015

नागपुर : ओद्योगिक क्रांति समेत अन्य विभाग की समस्या सुलझाएंगे : विधायक देशमुख

Dr. Ashish Dshmukh
काटोल (नागपुर)।
काटोल निर्वाचन क्षेत्र के प्रक्रिया केंद्र का नविनीकरण करके केंद्र फिरसे शुरू करने के लिए गैमन इंडिया कंपनी और राज्य सरकार के बीच विवाद खत्म किया जायेगा तथा संतरा परियोजना जल्द से जल्द शुरू करने के लिए वि. डा. आशीष देशमुख शासन स्तर पर प्रयास करेंगे. एम.आय.डी.सी. महावितरण, जंगली जानवरों से किसानों को हो रही परेशानी ऐसे अनेक विषयों के बारे में चर्चा की.

इससे क्षेत्र के अौद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले छोटे उद्योजकों को जल्द ही इस एमआयडीसी में उद्योग शुरू करने के लिए विधायक ने कदम बढ़ाये है. ओद्योगिक क्षेत्र को लगने वाली बिजली निर्मित करके तथा निर्वाचन क्षेत्र के कृषि धारकों को मिलने वाली बिजली अधिक प्रमाण में कैसे उपलब्ध होगी, इसके लिए ऊर्जा मंत्री द्वारा जांच की जाएगी.

महावितरण पारेषण कंपनी से 33 के.वी के क्षेत्र के काम लंबित है. इसमें मासोद, तिनखेडा, कचारी सावंगा आदि गांव सभी गांव के सबस्टेशन जल्द शुरू करने के लिए विधायक ने ऊर्जा विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक लेकर जल्द से जल्द काम पूर्ण करने के निर्देश दिए है.

यहां किसानों को जंगली जानवरों से अधिक परेशानी होती है. गांव को सटकर खेत में जंगली सूअर, हिरणी का आतंक है. इस गंभीर समस्या के लिए देशमुख में वनमंत्री और राज्य सरकार को जंगली जानवर मारने की अनुमती देने की किसानों की ओर से विनंती की है.

इस क्षेत्र में 106 जलयुक्त शिवार योजना के कामों की शुरुवात हुई है. क्षेत्र में गोंडी दिग्रस, राजनी, खंडाला, पांजरा काटे, बाजारगांव, झिलपा, ईसापुर आदि गांव के काम सफलता की ओर है. जिससे किसानों ने विधायक का आभार माना है.

काटोल क्षेत्र के शिक्षा तंत्र शिक्षा, आरोग्य आदि सभी शासकीय विभाग से पारदर्शक काम होने चाहिए. ऐसे आदेश विधायक ने सभी अधिकारी वर्गों को दिए है. इस संदर्भ में 30 जून और 1 जुलाई को विधान भवन मुंबई में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सभी जिम्मेदारी से काम और लंबित समस्या दूर करने के निर्देश दिए है.

इस बैठक में ऊर्जा विभाग के राजू मित्तल, सचिव श्रींरषीकर, कार्यकारी अभियंता पी.आर. चव्हाण, आय.यु.बागडे, ए.आइ. देशपांडे तथा वन विभाग के सचिव विकास खरडे, उपसचिव धारगे, कृषि विभाग के के.वाय. वंजारी, सुनील पाटिल और फल संशोधन केंद्र के डा. मानकर, डा. वंजारी, डा. जोगदंड, चंद्रकांत आडगे आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. साथ में दिनकरराव राउत, रमेश फिस्के, सुरेश बांद्रे, मनोज जवंजाल, अजय ठाकरे, बंडू लोहे आदि उपस्थित थे.