Published On : Wed, Aug 30th, 2017

विद्यार्थियों के “कमाओ और पढ़ो” योजना के लिए 5 सितम्बर से शुरू होगा आवेदन

Nagpur University
नागपुर:
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से ” कमाओ और पढ़ो ” योजना हर साल शुरू की जाती है. जिसमें नागपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में पढ़नेवाले विद्यार्थी आवेदन कर छह महीने तक नागपुर विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त विभाग में काम करते हैं. इस बार इस योजना के तहत फॉर्म की शुरुआत 5 सितम्बर से की जाएगी. 20 सितम्बर तक सभी आवेदन करनेवाले विद्यार्थियों को विभिन्न विश्वविद्यालय के विभागों में नियुक्त किया जाएगा. पिछले वर्ष 105 विद्यार्थी इस योजना के तहत विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इस योजना के तहत विद्यार्थियों को रोजाना 3 घंटे विश्वविद्यालय के विभागों के कार्यालय में काम करना होता है. जिसके लिए इन्हे 50 रुपए प्रति घंटे की दर से पैसे दिए जाते हैं. लगभग 150 रुपए रोज इन्हें विश्वविद्यालय की ओर से दिए जाते हैं. सितम्बर में इस योजना की शुरुआत होती है और सत्र समाप्ति यानी 30 अप्रैल तक विद्यार्थियों को रोजगार मिल जाता है.

इस बार भी नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से केवल 100 विद्यार्थियों को ही विभिन्न विभागों में काम दिया जाएगा. लेकिन इस योजना में शामिल हो चुके विद्यार्थियों का और शामिल हो रहे विद्यार्थियों का कहना है कि इस बार नागपुर विश्वविद्यालय पुणे विश्वविद्यालय की तर्ज पर करीब 500 विद्यार्थियों को काम दे. इस योजना के तहत कैंपस, एलआईटी, बाबसाहेब आंबेडकर विधि महाविद्यालय, वानखेड़े डीएड कॉलेज के विद्यार्थी इसमें शामिल हो सकते हैं. पुणे विश्वविद्यालय में इस योजना के तहत जितने भी जरूरतमंद विद्यार्थी आवेदन करते हैं उन सभी को विश्वविद्यालय काम देता है. विद्यार्थियों का कहना है कि केवल कैंपस में ही नहीं तो नागपुर विश्वविद्यालय से संलग्नित विभिन्न कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को काम मिले. तो वहीं नागपुर विश्वविद्यालय का इस बारे में कहना है कि जितने की जरुरत है उतने ही विद्यार्थी लिए जा सकते हैं.

कमाओ और पढ़ो योजना के बारे में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विकास विभाग के संचालक दिलीप कवडकर ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे सम्बंधित सभी बैठकें हो चुकी हैं. ”कमाओ और पढ़ो” योजना के आवेदन प्रिंटिंग प्रेस में है. 5 सितम्बर 2017 से फॉर्म का वितरण शुरू किया जाएगा और करीब 10 दिनों तक जरूरतमंद विद्यार्थी काम के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस बार कोशिश की जाएगी कि 20 सितम्बर से विद्यार्थियों को विभागों में नियुक्त किया जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के हिसाब से विद्यार्थियों को लिया जाता है. 500 विद्यार्थियों के हिसाब से नागपुर विश्वविद्यालय के पास विभाग नहीं है. कवड़कर ने बताया कि विभिन्न विभागों की ओर से उनके पास प्रस्ताव आ चुके हैं. जिसमें उन्होंने अपनी आवश्कयता के अनुसार काम के लिए विद्यार्थियों की मांग की है. किस विभाग को कितने विद्यार्थी देने है यह नागपुर विश्वविद्यालय तय करेगा.