Published On : Fri, Oct 6th, 2017

यूनिवर्सिटी हॉस्टल के अवैध विद्यार्थियों को सख्ती से निकालने का फरमान जारी

Nagpur University Boys Hostel
नागपुर: नागपुर यूनिवर्सिटी के रविनगर स्थित हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे विद्यार्थियों को निकालने के लिए नागपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई बार प्रयत्न किए हैं. लेकिन फिर भी विद्यार्थियों को बाहर निकालने में यूनिवर्सिटी प्रशासन नाकाम साबित हुआ है. लेकिन अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अवैध तरीके से हॉस्टल में रहनेवाले विद्यार्थियों को जाने के लिए 12 अक्टूबर तक का समय दिया है. 12 तारीख के बाद हॉस्टल में रहनेवाले अवैध विद्यार्थियों को महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा बल के जवानों की ओर से बाहर निकाला जाएगा.

इस हॉस्टल के लोअर हॉस्टल में 190 कमरे हैं. जिनमें करीब 380 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है. दो विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी की ओर से एक कमरा दिया जाता है. लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन का यह कहना है कि एक रूम में चार लोग रहते हैं. जिसके कारण बाकी विद्यार्थियों को परेशानी होती है. इस परेशानी को ध्यान में रखकर ही नागपुर यूनिवर्सिटी की ओर से इन अवैध विद्यार्थियों को निकालने का निर्णय लिया गया है.

लेकिन इस बारे में हॉस्टल में ही रहनेवाले विद्यार्थियों का कुछ अलग ही कहना है. विद्यार्थियों ने बताया कि जितने भी अवैध तरीके से रहनेवाले विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर करने का निर्णय नागपुर यूनिवर्सिटी ने लिया है, वह सरासर गलत है. क्योंकि हॉस्टल में कोई भी अवैध तरीके से नहीं रह रहा है. सभी विद्यार्थियों के किसी न किसी विभाग में बाकायदा एडमिशन हैं. इन विद्यार्थियों में ज्यादातर विद्यार्थी गरीब हैं. जिसके कारण हॉस्टल से निकाले जाने पर इन विद्यार्थियों केवपढ़ाई का नुकसान होगा. विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि किसी भी विद्यार्थी ने इन विद्यार्थियों की शिकायत नहीं की है.