Published On : Sat, Mar 3rd, 2018

कॉलेज की गलती के कारण पेपर देने से वंचित रहे 100 से ज्यादा विद्यार्थी

नागपुर: कॉलेज की गलती के कारण 100 से ज्यादा बी- कॉम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी शनिवार को परीक्षा देने से वंचित रह गए. लेकिन जब यह विद्यार्थी इसकी शिकायत और अपनी समस्या का समाधान करने अमरावती रोड के परीक्षा भवन पहुंचे तो वहां के बाबुओं और कर्मचारियों ने इन विद्यार्थियों के साथ हाथापाई की और गालीगलौज की. जिसके कारण परीक्षा भवन के सामने इन विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया. साथ ही पुलिस स्टेशन में शिकायत भी की और नागपुर यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. सिध्दार्थविनायक काणे को भी निवेदन सौंप यह मांग की है कि उनका साल खराब न हो और दोबारा उनसे ओल्ड कोर्स का पेपर लिया जाए.

विद्यार्थीयो की जानकारी के अनुसार शनिवार को उमरेड रोड के श्री बिंजानी सिटी कॉलेज में विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे. लेकिन जब इन्हें पेपर दिया गया तो वह इंग्लिश न्यू कोर्स का पेपर था. जबकि इनका विषय इंग्लिश ओल्ड कोर्स है. जिसके बाद विद्यार्थियों ने रूम में बैठे शिक्षकों से बात की तो उन्होंने कोई भी समाधानकारक उत्तर नहीं दिया. जिसके बाद सभी विद्यार्थियों ने प्रश्न क्रमांक एक लिखकर पूरा पेपर कोरा छोड़ दिया. जिसके बाद करीब 100 विद्यार्थी परीक्षा भवन पहुंचे और वहां पर कॉमर्स संकाय का काम करनेवाले बाबू से बात की. उस बाबू से विद्यार्थी ने कहा कि 15 दिन पहले आपने ही कहा था कि ओल्ड कोर्स और न्यू कोर्स के प्रश्न पत्र अलग अलग होंगे.


विद्यार्थियों की इस बात को सुनकर उस बाबू ने साफ़ इंकार कर दिया और विद्यार्थियों से बदतमीजी करने लगा. बाबू और विद्यार्थी में हो रही बातचीत के दौरान एक विद्यार्थी ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो उस बाबू ने उससे मोबाइल छीनकर फेक दिया. जिसके बाद विद्यार्थियों से ही परीक्षा भवन के बाबुओं और कर्मचारीयों ने हाथापाई और मारपीट की. मारपीट होता देख विद्यार्थियों ने पुलिस स्टेशन में फ़ोन किया और वहां पर पुलिस पहुंची. जिसके बाद पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि वे सभी कुलगुरु काणे से मिलने और उन्हें अपनी समस्या बताने की सलाह दी. सभी विद्यार्थियों ने कुलगुरु काणे से मिलकर ओल्ड कोर्स का इंग्लिश का पेपर दोबारा लेने की मांग की है. हालांकि विद्यार्थियों को 12 तारीख तक का समय दिया गया है.