
नागपुर – नागपुर के लकड़ी कारोबार से जुड़े एक बड़े आर्थिक लेन-देन में करीब 3.97 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोलकाता के एक व्यापारी ने नागपुर के टिंबर कारोबारी से करोड़ों रुपये का लकड़ा खरीदा, लेकिन माल की आपूर्ति होने के बाद भी उसका भुगतान नहीं किया। लंबे समय तक रकम मिलने का इंतजार करने और बार-बार संपर्क करने के बावजूद बकाया राशि नहीं मिलने पर पीड़ित कारोबारी ने पुलिस से शिकायत की। इस मामले में लकड़गंज पुलिस ने आरोपी व्यापारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑर्डर देकर मंगाया करोड़ों का माल
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी की पहचान कोलकाता के नीमतोला निवासी वरुण आनंद कुमार भीमसमका (50) के रूप में हुई है। वहीं, शिकायतकर्ता हर्षित अभय संघवी (33) वर्धमान नगर के निवासी हैं। वह अपने पिता अभय के साथ वर्धमान नगर में ‘जयंतीभाई गुलाबचंद एंड ब्रदर्स’ नाम से टिंबर मार्ट संचालित करते हैं। उनके प्रतिष्ठान से देश के विभिन्न हिस्सों में लकड़ी की आपूर्ति की जाती है।
बताया जाता है कि आरोपी व्यापारी ने टिंबर मार्ट से संपर्क कर बड़े पैमाने पर लकड़ी खरीदने की इच्छा जताई थी। इसके बाद दोनों के बीच कारोबारी लेन-देन शुरू हुआ। शिकायत के मुताबिक, 27 फरवरी 2024 से 24 मार्च 2025 के बीच आरोपी ने कुल 3.97 करोड़ रुपये की लकड़ी खरीदी। कारोबारी ऑर्डर के अनुसार संबंधित माल की आपूर्ति भी कर दी गई।
भुगतान के लिए लगाते रहे चक्कर
शिकायतकर्ता का आरोप है कि करोड़ों रुपये का माल प्राप्त करने के बाद आरोपी ने भुगतान करने में टालमटोल शुरू कर दी। बकाया रकम हासिल करने के लिए शिकायतकर्ता और उनके परिवार की ओर से कई बार प्रयास किए गए। उम्मीद थी कि कारोबारी संबंधों के तहत जल्द ही भुगतान हो जाएगा, लेकिन लंबे समय तक रकम नहीं मिली।
समय बीतने के साथ बकाया राशि को लेकर परेशानी बढ़ती गई। काफी इंतजार और लगातार प्रयासों के बाद भी भुगतान नहीं होने पर हर्षित संघवी ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
लकड़गंज पुलिस ने दर्ज किया मामला
शिकायत के आधार पर लकड़गंज पुलिस ने कोलकाता निवासी व्यापारी वरुण आनंद कुमार भीमसमका के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस कारोबारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों, लकड़ी की आपूर्ति, भुगतान के विवरण और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।
करीब 3.97 करोड़ रुपये की बकाया राशि से जुड़े इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।



