पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस; छह एमडी आरोपियों समेत कई मामलों के आरोपियों पर कार्रवाई

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नागपुर टुडे – नागपुर शहर में मादक पदार्थों की तस्करी, नकली नोट तैयार करने, घरों में घुसकर डकैती डालने, ज्वेलर्स की दुकान लूटने और गंभीर मारपीट जैसे अपराधों के खिलाफ नागपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने विभिन्न मामलों में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। इस दौरान सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, डीसीपी क्राइम दीपक अग्रवाल, एसीपी वैभव जाधव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 ने बेलतरोड़ी क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की तस्करी का पर्दाफाश करते हुए करीब 1.54 करोड़ रुपये का माल जब्त किया। इसी मामले में पुलिस ने कुख्यात एमडी तस्कर और नगरसेवक शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग के मामले में वांछित आरोपी विशाल उर्फ फल्ली को तमिलनाडु के रामेश्वरम से पकड़ने में सफलता हासिल की।
इसके अलावा वाठोड़ा पुलिस ने किराये के मकान में नकली नोट तैयार करने के मामले का खुलासा किया। गिट्टीखदान पुलिस ने घर में घुसकर हथियारों के दम पर लूटपाट करने वाले गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। एमआईडीसी पुलिस ने ढोमणे ज्वेलर्स में हुई लूट के मामले में एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर कुल 53.75 लाख रुपये का माल जब्त किया। वहीं, क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 2 ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला करने के आरोपी को गिरफ्तार कर पांच अपराधों का खुलासा करने का दावा किया है।
इन पांच अलग-अलग कार्रवाइयों से शहर में सक्रिय अपराधियों, नशे के कारोबार और संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
पहली बड़ी कार्रवाई: बेलतरोड़ी में एमडी तस्करी का पर्दाफाश, 1.54 करोड़ का माल जब्त
रामेश्वरम से पकड़ा गया कुख्यात आरोपी विशाल उर्फ फल्ली
नागपुर शहर में एमडी ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 ने बेलतरोड़ी क्षेत्र में छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 405 ग्राम एमडी पाउडर, नकदी, मोबाइल फोन और वाहन सहित कुल 1 करोड़ 54 लाख 50 हजार 700 रुपये का माल जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4.20 बजे क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 के अधिकारियों को एमडी पाउडर के कारोबार से संबंधित विश्वसनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के नरेंद्र नगर स्थित रिंग रोड पर भारत पेट्रोल पंप के पास विजया अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में पंचों की मौजूदगी में छापा मारा।
इस कार्रवाई के दौरान अनिकेत उर्फ अन्नू बिहारे, तुफानसिंह सिसोदिया, कृष्णा उर्फ पहलवार वर्मा, राहुल उर्फ भाया गोड और शुभम उर्फ डोरेमॉन नरवरिया पुलिस को मिले। तलाशी में उनके पास से 1,405 ग्राम एमडी पाउडर बरामद हुआ। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, फ्लैट में रखे 3 लाख 44 हजार 700 रुपये नकद, एक वर्ना कार, चार दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक वजनकांटा और अन्य सामग्री जब्त की गई।
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि विशाल उर्फ फल्ली पृथ्वीलाल गुप्ता के निर्देश पर नागपुर में एमडी पाउडर की आपूर्ति और बिक्री की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजस्थान से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से ड्रग्स लाकर शहर में कथित तौर पर छोटे विक्रेताओं तक पहुंचाते थे। इस मामले में कुणाल दशरथ ममुद्रे सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
रामेश्वरम तक पहुंची पुलिस, महीनों से फरार आरोपी पकड़ा
इस मामले में पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई विशाल उर्फ फल्ली पृथ्वीलाल गुप्ता की गिरफ्तारी रही। पुलिस के अनुसार, विशाल लंबे समय से फरार था और अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था।
क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 5 ने तकनीकी जांच और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उसकी लोकेशन तमिलनाडु के रामेश्वरम में पता लगाई। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां निगरानी रखकर विशाल और उसके साथ मौजूद सहेली पधराग उर्फ सानू को हिरासत में लिया। दोनों को स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया और नागपुर लाया जा रहा है, ऐसी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।
विशाल उर्फ फल्ली को पुलिस ने कुख्यात एमडी तस्कर बताया है। वह भांडेवाड़ी थाना क्षेत्र में नगरसेवक शुभम मोटघरे पर हुई फायरिंग के मामले में हत्या के प्रयास के अपराध का मुख्य वांछित आरोपी बताया गया है। उक्त मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधान भी लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, मकोका और एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
इस कार्रवाई से एमडी तस्करी के नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब जब्त ड्रग्स के स्रोत, आपूर्ति करने वालों और शहर में इसे खरीदने वाले अन्य लोगों के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई: किराये के मकान में चल रहा था नकली नोटों का कथित कारोबार
500 रुपये के नोटों जैसे छपे कागज बरामद, 37.83 लाख रुपये का माल जब्त
नागपुर के वाठोड़ा क्षेत्र में नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने के संदेह में पुलिस ने एक किराये के मकान में कार्रवाई करते हुए 37 लाख 83 हजार 600 रुपये का माल जब्त किया। इस मामले में पुष्पम कृष्णा बंडाने, उम्र 29 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मकान मालिक रमेश गंगाधर हरडे ने वाठोड़ा पुलिस थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि थ्री स्टार को-ऑपरेटिव सोसायटी, वाठोड़ा स्थित अपने मकान की पहली मंजिल उन्होंने पुष्पम बंडाने को किराये पर दी थी। किरायेदार द्वारा दो महीने का किराया नहीं दिए जाने पर वह उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा था।
24 अक्टूबर को सुबह करीब 11.30 बजे मकान मालिक किराया मांगने के लिए वहां पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्हें किरायेदार के साथ किसी अनहोनी की आशंका हुई, इसलिए उन्होंने दूसरी मास्टर चाबी से दरवाजा खोला। अंदर हॉल में सोफे पर 500 रुपये के नोटों जैसे दिखने वाले कागज बिखरे पड़े थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची वाठोड़ा पुलिस ने तलाशी ली तो कई कागजों पर 500 रुपये के नोट जैसी छपाई मिली। कुछ कागजों पर केवल एक तरफ छपाई थी, जबकि कुछ पर दोनों तरफ नोटों जैसा डिजाइन छपा हुआ था। पुलिस ने इन कागजों, अन्य सामग्री और उपकरणों को जब्त कर जांच शुरू की।
लैपटॉप, कलर प्रिंटर और कटर भी मिले
पुलिस की शुरुआती जांच में मौके से ASUS कंपनी का लैपटॉप, EPSON कंपनी का कलर प्रिंटर, दो पेपर कटर, अलग-अलग रंगों की स्याही की बोतलें, कोरे कागज और 500 रुपये के नोटों जैसे डिजाइन वाले छपे कागज मिले।
पुलिस के अनुसार, दोनों तरफ नोटों जैसी छपाई वाले कागजों का अंकित मूल्य 37 लाख रुपये और एक तरफ छपाई वाले कागजों का अंकित मूल्य 48 लाख रुपये आंका गया। हालांकि, ये आंकड़े कागजों पर छपी राशि के आधार पर बताए गए हैं; इन्हें असली मुद्रा या वास्तविक आर्थिक नुकसान के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस ने उपकरणों और अन्य सामग्री सहित कुल 37 लाख 83 हजार 600 रुपये का माल जब्त किए जाने की जानकारी दी है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर तैयार किए जा रहे नोटों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जाना था। साथ ही, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने की भी जांच की जा रही है।
तीसरी बड़ी कार्रवाई: गिट्टीखदान में घर में घुसकर डकैती, छह आरोपी गिरफ्तार
पति के कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी पर साजिश में शामिल होने का आरोप
नागपुर के गिट्टीखदान क्षेत्र में देर रात घर में घुसकर महिला और उसके 14 वर्षीय बेटे को हथियारों से डराने, मोबाइल फोन लूटने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक विधि-संघर्षग्रस्त बालक को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना 23 अक्टूबर 2026 को रात करीब 12.30 बजे फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित पूर्वा रेसिडेंसी, नेताजी को-ऑपरेटिव सोसायटी के एक मकान में हुई। यहां रहने वाली 38 वर्षीय सौम्या सुब्रमण्यम पालुरु अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान चार से पांच अज्ञात व्यक्ति घर की ऊपरी मंजिल की सीढ़ियों से होकर अंदर दाखिल हुए।
आरोपियों ने महिला और उनके बेटे को चाकू और अन्य हथियार दिखाकर धमकाया तथा घर में पैसे कहां रखे हैं, यह पूछा। महिला ने पैसे नहीं होने की बात कही और आरोपियों से घर की तलाशी लेने को कहा। इसी दौरान महिला और उनका बेटा चिल्लाने लगे तो आरोपियों में से एक ने बेटे की गर्दन पकड़ ली। आरोपियों ने घर से दो मोबाइल फोन छीन लिए, जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है। उन्होंने बेटे के गले से सोने की चेन छीनने का प्रयास भी किया।
परिवार के शोर मचाने पर आरोपी गैलरी के रास्ते भाग निकले। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और गोपनीय सूचना से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच के निर्देश दिए। गिट्टीखदान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की तथा गोपनीय मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
इस मामले में सुमेट उर्फ छोटा सोमकुंवर, आकाश मेश्राम, भूषण अलोने, निखिल दुबे, पियूष गोस्वामी और शेख तौहीद उर्फ येडाभाई को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक विधि-संघर्षग्रस्त बालक को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सुमेट उर्फ छोटा पहले महिला के पति के कार्यालय में करीब चार वर्षों से ऑफिस बॉय के रूप में काम कर रहा था। उसे कथित तौर पर जानकारी थी कि महिला के पति कार्यालय की रकम घर लाकर रखते हैं। घटना से छह-सात दिन पहले घर में बड़ी रकम रखे जाने की जानकारी मिलने के बाद उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई, ऐसा पुलिस का कहना है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए दोनों मोबाइल फोन तथा कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त माल की कुल कीमत 2 लाख 60 हजार 200 रुपये बताई गई है। पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
चौथी बड़ी कार्रवाई: ढोमणे ज्वेलर्स लूट मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार
53.75 लाख रुपये का माल जब्त, उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक फैली जांच
नागपुर के एमआईडीसी थाना क्षेत्र में ढोमणे ज्वेलर्स में हुई लूट के मामले में पुलिस ने एक और वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा कार्रवाई में गुप्तकील मनीर अहमद, उम्र 34 वर्ष, को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने इस पूरे मामले में कुल 53 लाख 75 हजार रुपये का माल जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को शाम 4.40 से 4.55 बजे के बीच हिंगणा रोड पर महाकाली बार के सामने स्थित ढोमणे ज्वेलर्स में चार अज्ञात व्यक्ति दाखिल हुए थे। दुकान के संचालक राकेश सुभाष ढोमणे के कर्मचारी शुभम हाडगे उस समय दुकान में मौजूद थे।
आरोपियों ने कर्मचारी को बंदूक जैसी दिखने वाली वस्तु से डराया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दुकान से करीब 350 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और कर्मचारी के साथ मारपीट कर फरार हो गए। लूटे गए आभूषणों की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई थी। शिकायत के आधार पर एमआईडीसी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच और एआई की मदद से आरोपियों की पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एमआईडीसी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने समानांतर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी जांच, एआई आधारित विश्लेषण और उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा की स्थानीय पुलिस की सहायता से संदिग्धों की जानकारी जुटाई।
इस प्रकरण में अभिषेक सिंह ठाकुर, जयराम उर्फ जोगिंदर ठाकुर, शुभांकित चतुर्वेदी और राजन सामी शर्मा को पहले गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई थी। आगे की जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर वारदात में शामिल वांछित आरोपी गुप्तकील मनीर अहमद को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा उत्तर प्रदेश में ज्वेलर्स को बेचे गए सोने में से 165 ग्राम सोना तथा एक अन्य सुनार से 70 ग्राम चांदी बरामद की गई। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक केटा कार, एक काली थार कार, टोयोटा फॉर्च्यूनर, एक पल्सर मोटरसाइकिल और सोने-चांदी के आभूषण सहित कुल 53 लाख 75 हजार रुपये का माल जब्त किया गया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि लूट की योजना किस तरह बनाई गई, आरोपियों के बीच क्या संबंध थे और लूटे गए आभूषणों को किन लोगों के माध्यम से बेचा गया। विभिन्न राज्यों में आरोपियों की गतिविधियों की जांच भी इस मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पांचवीं बड़ी कार्रवाई: 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच यूनिट-2 की कार्रवाई; चोरी, घरफोड़ और जबरी चोरी सहित पांच मामलों का खुलासा
नागपुर के सदर थाना क्षेत्र में 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला के सिर पर लकड़ी के डंडे से हमला कर उन्हें घायल करने के मामले में क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 2 ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान पांच अलग-अलग अपराधों का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को रात करीब 9.30 बजे गड्डीगोदाम स्थित एलेक्स मैकेनिकल वर्क्स के पास कामठी रोड पर रहने वाली हिल्डा अलेक्जेंडर एंथनी अपने घर में थीं। इसी दौरान लगभग 25 से 30 वर्ष का एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर आया और दरवाजे की घंटी बजाई।
महिला ने दरवाजा खोला तो आरोपी ने अपने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। उसने कथित तौर पर लकड़ी के डंडे से महिला के सिर पर वार कर दिया। महिला के चिल्लाने पर ऊपर की मंजिल पर रहने वाले परिवार के सदस्य दौड़कर आए। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। घायल महिला को किंग्सवे अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया।
शिकायत के आधार पर सदर पुलिस थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
तकनीकी जांच से आरोपी की पहचान
क्राइम ब्रांच यूनिट क्रमांक 2 ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर जाल बिछाया और क्लेमेंट उर्फ रोहित यूजीन पिल्ले, उम्र 35 वर्ष, निवासी किराड लेआउट, मानकापुर, नागपुर को हिरासत में लिया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बुजुर्ग महिला पर हमले के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आगे पूछताछ में सदर थाना क्षेत्र में चोरी, मानकापुर क्षेत्र में घरफोड़ तथा गिट्टीखदान क्षेत्र में जबरी चोरी और विनयभंग से संबंधित अपराधों सहित कुल पांच मामलों के बारे में जानकारी सामने आई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए सदर पुलिस के हवाले कर दिया है। इन मामलों में उसकी भूमिका, बरामदगी और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
बुजुर्ग महिला पर हुए हमले की घटना ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा का सवाल भी उठाया है। पुलिस की जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने अन्य वारदातों को किस तरह अंजाम दिया और उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में अपराधियों पर कार्रवाई तेज
नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन पांचों मामलों की जांच अलग-अलग पुलिस थानों और क्राइम ब्रांच की टीमों ने की। कार्रवाइयों में तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज, गोपनीय सूचना, अंतरराज्यीय समन्वय और अन्य जांच पद्धतियों का उपयोग किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील के साथ सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी, डीसीपी क्राइम दीपक अग्रवाल, एसीपी वैभव जाधव तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
एमडी तस्करी के मामले में बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त होना और लंबे समय से फरार बताए जा रहे आरोपी की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण है। वहीं, नकली नोट तैयार करने के संदेह में उपकरणों की जब्ती, डकैती के आरोपियों की गिरफ्तारी और ज्वेलर्स लूट मामले में बरामदगी से पुलिस को आगे की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा। पुलिस ने संबंधित मामलों में आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है।
नागपुर पुलिस की इन पांच कार्रवाइयों ने शहर में सक्रिय नशा तस्करी, आर्थिक अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चल रही जांच को नई दिशा दी है। अब इन मामलों में अन्य संदिग्धों की भूमिका, अपराधों के नेटवर्क और जब्त सामग्री से जुड़े तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
– -रविकांत कांबले



