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Published On : Thu, Jun 21st, 2018
nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

नागपुर : संघ की धरती में फ्लॉप रहा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

नागपुर: आज देश दुनिया बड़ी ही खुशी के साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है. योग वैसे तो हिंदुस्तान में सैकड़ों वर्ष पुरानी दिनचर्याओं में से एक रही. कुछ वर्षों पूर्व तक योग से मांस-पेशियों का इलाज आदि प्रमुखता से किया जाता रहा. योग को देश-दुनिया में स्थान दिलवाने के लिए बिहार स्कूल ऑफ़ योगा का उल्लेखनीय योगदान है. जब से देश में भाजपा की एकतरफा सत्ता आई तब से पूरे देश मे योग को एक त्योहार की तरह मनाया जा रहा है. लेकिन नागपुर में इसका रंग फीका रहा या यूं कहें कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस फ्लॉप रहा.

नागपुर के रेशमबाग में पतंजलि ,नागपुर महानगर पालिका की ओर से शहर में प्रमुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. लेकिन इस भव्य कार्यक्रम में 200-300 लोग भी बमुश्किल पहुँच पाए. जब कि नागपुर की जनसंख्या लाखों में है और भाजपा के कार्यकर्ता भी लाखों में होने के दावे करते रहे. जिस पक्ष की सत्ता रहती है तो उसके आयोजन में सम्बंधित सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय, संस्थान से जुड़े लोगों भी सीधे नहीं तो बेमन से ही सही ऐसे आयोजनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं. ज्ञात हो कि आज महानगर पालिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की व्यवस्था यशवंत स्टेडियम तथा रेशमबाग मैदान में की गई थी.

संघ का गढ़ मुख्यमंत्री और नितिन गडकरी का गृह जिला होने के बाद भी योग दिवस का रंग आज यहां फीका पड़ गया. रेशमबाग में कार्यक्रम के आयोजक पतंजलि से जुड़े लोगो ने आज के आयोजन की असफलता पर नाराजी व्यक्त की. बात करें लोगों की तो हेडगवार भवन के पास स्थित रेशमबाग मैदान में यूं तो रोजाना अनेकों खेल और आयोजन होते रहते हैं जिसमें युवाओं समेत बुज़ुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थित होती है. लेकिन आज योग दिवस पर पूरे मैदान में 300 से अधिक लोग नहीं जुट पाए. और मंच पर पतंजलि के पदाधिकारियों के अलावा स्थानीय सभापति और केवल स्थानीय विधायक सुधाकर कोहले उपस्थित दिखे. निरोग व चुस्त रहने के लिए प्रधानमंत्री ने योग कला और क्रिया का शुरू में प्रोत्साहन दिया था. समय के साथ साथ उत्साह का ठंडा पड़ना मंथन का विषय है.

उल्लेखनीय यह है कि आज कार्यालयीन दिवस होने के कारण इच्छा होने के बावजूद शहर के नागरिकों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया. इस वजह से आयोजन में उम्मीद के अनुरूप लोगों की उपस्थिति नहीं दिखी. शहर में मनपा के खर्च पर एक ही विषय पर कई आयोजनों का होना अर्थहीन साबित हुआ. जबकि मनपा का मुख्य कार्यक्रम यशवंत स्टेडियम में किया गया था. सत्तापक्ष के विधायकों के दबाव में मनपा प्रशासन ने रेशमबाग मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में भी खर्च किया.

…By Narendra Puri

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