शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने शहर के एक डॉक्टर और एक व्यापारी से कुल 57.44 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में ठगों ने पहले भरोसा जीतने के लिए फर्जी निवेश सलाह, व्हाट्सएप चैट ग्रुप और बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया, फिर लाखों रुपये निवेश के नाम पर अपने खातों में जमा करा लिए। शिकायत के बाद साइबर पुलिस और हुड़केश्वर पुलिस ने अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला अयोध्यानगर निवासी डॉ. सुजीत अशोक मेश्राम (31) से जुड़ा है, जो एक निजी मेडिकल अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मेश्राम पिछले चार वर्षों से स्वयं शेयर बाजार में निवेश करते रहे हैं। मई 2026 में यूट्यूब पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े एक आकर्षक विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनकी मुलाकात साइबर ठगों से हुई।
15 मई को हेमंत ओसवाल ने व्हाट्सएप पर उनसे संपर्क किया और खुद को मैगनम इक्विटी ब्रोकिंग लिमिटेड में निश्चल जैन का कर्मचारी बताया। इसके बाद उन्हें ‘ए-1176 मैगनम सिक्योरिटी’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया, जहां निवेश के नाम पर बड़े मुनाफे के दावे किए गए।
16 करोड़ से ज्यादा मुनाफे का दिखाया सपना
आरोपियों ने बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाते हुए डॉ. मेश्राम से अलग-अलग किश्तों में 46.16 लाख रुपये निवेश करवा लिए। निवेश के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर उन्हें 16.52 करोड़ रुपये का काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पहले 16 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने की शर्त रख दी। इसी दौरान उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने हेमंत ओसवाल, निश्चल जैन, सुरभि अग्रवाल, मैगनम इक्विटी ब्रोकिंग लिमिटेड तथा संबंधित व्हाट्सएप चैट ग्रुप के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईसीआईसीआई बैंक कर्मचारी बनकर व्यापारी को फंसाया
दूसरी घटना हुड़केश्वर थाना क्षेत्र की है। महाकालीनगर निवासी साजन अनिल लोखंडे (42) को पवन चौधरी नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर स्वयं को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताया। उसने शेयर ट्रेडिंग में सुरक्षित और अधिक मुनाफे का भरोसा देकर व्यापारी का विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से 11.28 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, यूट्यूब विज्ञापन, व्हाट्सएप ग्रुप या अनजान व्यक्तियों के निवेश संबंधी झांसे में न आएं। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच करें। यदि कोई व्यक्ति कम समय में कई गुना मुनाफे का दावा करे या रकम निकालने के लिए अतिरिक्त पैसा जमा करने की शर्त रखे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना साइबर पुलिस को दें।




