Published On : Mon, Oct 19th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर नागपुर में अभेद्य सुरक्षा कवच! 3,500 पुलिसकर्मी तैनात, AI तकनीक से संदिग्धों पर नजर

पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटिल अपनी टीम के साथ मैदान में उतरे; दीक्षाभूमि से ड्रैगन पैलेस, RSS मुख्यालय से लेकर शहर के प्रमुख आयोजनों तक हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
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Nagpur on High Alert for Dussehra and Dhamma Chakra Pravartan Day: 3,500 Police Personnel Deployed

नागपुर टुडे – दशहरा, धम्मचक्र प्रवर्तन दिन और विजयादशमी के विभिन्न कार्यक्रमों को देखते हुए नागपुर पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की है। दीक्षाभूमि में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ से लेकर कामठी स्थित ड्रैगन पैलेस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय परिसर में आयोजित होने वाले विजयादशमी कार्यक्रम और शहर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले रावण दहन तक पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार किया है।

इस बार सुरक्षा व्यवस्था में पारंपरिक पुलिस बंदोबस्त के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों, एआई तकनीक, बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन से निगरानी, क्राउड मैनेजमेंट, खुफिया विभाग और रिजर्व फोर्स की मदद से शहर के संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी।

नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटिल अपनी टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों में जुटे हैं। पुलिस का प्रयास है कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं तथा नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिले और सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

नागपुर टुडे से विशेष बातचीत में पुलिस आयुक्त ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और पुलिस की तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।

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पुलिस आयुक्त की निगरानी में सुरक्षा का व्यापक प्लान

नागपुर में दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन का विशेष महत्व है। एक ओर दीक्षाभूमि में देश-विदेश से लाखों अनुयायी पहुंचते हैं, वहीं दूसरी ओर विजयादशमी के अवसर पर शहर में अनेक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कामठी स्थित ड्रैगन पैलेस में भी बड़ी संख्या में अनुयायियों के पहुंचने की संभावना रहती है।

इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव और पथसंचलन को देखते हुए पुलिस को अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालनी है।

इन सभी आयोजनों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अलग-अलग स्तरों पर विभाजित किया है। संवेदनशील स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

पुलिस का फोकस केवल किसी अप्रिय घटना को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि भीड़ का व्यवस्थित आवागमन, यातायात नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी रहेगा।

3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती, रिजर्व फोर्स भी अलर्ट

त्योहारों के दौरान शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक, उपनिरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मी अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी संभालेंगे।

सुरक्षा व्यवस्था में राज्य रिजर्व पुलिस बल, दंगा नियंत्रण पुलिस और विशेष प्रतिक्रिया दलों की भी भूमिका रहेगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल को तत्काल मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है।

कुछ स्थानों पर वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनका उद्देश्य भीड़ में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करना है।

पुलिस की योजना के तहत संवेदनशील मार्गों, प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और भीड़ एकत्र होने वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।

पहली बार AI तकनीक से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी

नागपुर की सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज के विश्लेषण में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस तकनीक की मदद से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और पुलिस को निगरानी में सहायता मिलने की उम्मीद है।

त्योहारों के दौरान बाजारों, प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में प्रत्येक व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रूप से नजर रखना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी विश्लेषण से इस काम में मदद मिल सकती है।

हालांकि, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि के लिए पुलिस की जांच और मानवीय निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।

तकनीक, खुफिया जानकारी और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच समन्वय सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा होगा।

दीक्षाभूमि पर विशेष बंदोबस्त, लाखों अनुयायियों की सुरक्षा प्राथमिकता

धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के मुख्य समारोह को देखते हुए दीक्षाभूमि परिसर में विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इस अवसर पर महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचते हैं।

इतनी बड़ी भीड़ को संभालना पुलिस और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके लिए प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी, कतारों का नियोजन, भीड़ की आवाजाही और यातायात नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दीक्षाभूमि परिसर तथा आसपास के प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। लक्ष्मीनगर चौक, बजाज नगर चौक, काचीपुरा और माता कचेरी चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।

परिसर में भीड़ की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश को नियंत्रित करने की व्यवस्था भी रहेगी। परिसर में उपलब्ध जगह और भीड़ की स्थिति के अनुसार कतारों को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रवेश द्वारों पर अनावश्यक दबाव न बने।

उपलब्ध बंदोबस्त संबंधी जानकारी के अनुसार, दीक्षाभूमि परिसर में दो पुलिस उपायुक्त, एक सहायक पुलिस आयुक्त, 20 पुलिस निरीक्षक, 40 उपनिरीक्षक सहित कुल 71 अधिकारी और लगभग 600 पुलिसकर्मियों की तैनाती का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त रिजर्व बल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहेंगे।

पुलिस की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को दर्शन और कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

ड्रैगन पैलेस से नागलोक तक सुरक्षा का विशेष घेरा

कामठी स्थित ड्रैगन पैलेस में भी बड़ी संख्या में अनुयायियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने विशेष बंदोबस्त की तैयारी की है।

यहां भीड़ नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही, पार्किंग और प्रवेश मार्गों पर निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ड्रैगन पैलेस क्षेत्र में लगभग 450 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है।

इसी तरह संविधान चौक और नागलोक क्षेत्र में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। इन स्थानों पर लोगों की आवाजाही और कार्यक्रमों की प्रकृति को देखते हुए निगरानी तथा यातायात प्रबंधन पर ध्यान दिया जाएगा।

पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि विभिन्न स्थानों पर एक ही समय में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी होगा।

बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन से निगरानी

त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस की विशेष टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा।

बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) संवेदनशील स्थानों पर जांच और आवश्यक सुरक्षा निरीक्षण में भूमिका निभाएगा। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा सकती है।

ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था भीड़ की स्थिति और संबंधित स्थानों पर लागू अनुमति तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार की जाएगी। इससे बड़े आयोजनों के आसपास भीड़ के फैलाव और आवागमन की स्थिति का आकलन करने में सहायता मिल सकती है।

इसके साथ ही खुफिया विभाग संभावित संवेदनशील गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं पर नजर रखेगा। पुलिस नियंत्रण कक्ष और मौके पर तैनात अधिकारियों के बीच संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया जाएगा।

किसी संदिग्ध वस्तु, लावारिस बैग या असामान्य गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित टीम जांच कर सकेगी।

क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष जोर

बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले आयोजनों में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित रखना होता है। प्रवेश और निकास मार्गों पर दबाव बढ़ने, वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही या कतारों में अव्यवस्था से परेशानी पैदा हो सकती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने क्राउड मैनेजमेंट को सुरक्षा योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

दीक्षाभूमि सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित करने, भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर मार्गों में बदलाव करने पर ध्यान दिया जाएगा।

आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के लिए रास्ता उपलब्ध रखने तथा पुलिसकर्मियों के बीच त्वरित समन्वय बनाए रखने की भी जरूरत होगी।

पुलिस का प्रयास रहेगा कि धार्मिक आयोजनों में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को भी आवश्यक सहायता मिल सके।

RSS मुख्यालय के विजयादशमी उत्सव पर भी पुलिस की नजर

नागपुर में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण रहता है। संघ के मुख्यालय क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम और पथसंचलन को देखते हुए पुलिस सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देगी।

कार्यक्रम के आसपास के मार्गों पर यातायात का नियोजन, लोगों की आवाजाही और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है। इसके लिए पुलिस प्रशासन विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध बल और संसाधनों का समन्वित उपयोग करेगा।

64 स्थानों पर रावण दहन, विसर्जन स्थलों पर भी बंदोबस्त

विजयादशमी के अवसर पर शहर में कुल 64 स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी दी गई है। इनमें वाड़ी और पारडी क्षेत्र के चार-चार आयोजन स्थल भी शामिल हैं।

इसके अलावा कस्तूरचंद पार्क, तिरंगा चौक, नंदनवन, दर्शन कॉलोनी, राजाबाक्षा, चोपड़े लॉन, मनीष नगर, मानेवाड़ा और रेशमबाग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

दशहरा उत्सव के साथ सार्वजनिक दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और घट विसर्जन के कार्यक्रम भी होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शहर में 835 सार्वजनिक दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन और 90 स्थानों पर घट विसर्जन के लिए पुलिस बंदोबस्त की योजना है।

इन कार्यक्रमों में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

ट्रैफिक पुलिस भी मैदान में, प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी

दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के कार्यक्रमों के कारण शहर के कई हिस्सों में वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस को भी विशेष जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों, कार्यक्रम स्थलों के आसपास और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात का नियोजन किया जाएगा।

जहां जरूरत होगी, वहां वाहनों की आवाजाही में अस्थायी बदलाव किए जा सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और कार्यक्रम स्थलों के आसपास अनावश्यक रूप से वाहन खड़े न करें।

श्रद्धालुओं को भी सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले यातायात संबंधी निर्देशों की जानकारी लें, ताकि जाम और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।

पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटिल की टीम अलर्ट

नागपुर में एक साथ कई बड़े आयोजनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लाखों लोगों की आवाजाही को सुचारू रखने की चुनौती है।

पुलिस आयुक्त डॉ. विश्वास नांगरे पाटिल के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों में वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विशेष टीमें जुटी हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में तत्काल समन्वय के साथ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बीडीडीएस, डॉग स्क्वॉड, खुफिया विभाग, रिजर्व फोर्स, सीसीटीवी निगरानी और एआई तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

दीक्षाभूमि हो या ड्रैगन पैलेस, संघ का विजयादशमी उत्सव हो या शहर के विभिन्न हिस्सों में होने वाले दशहरा कार्यक्रम—पुलिस की कोशिश है कि हर आयोजन शांतिपूर्ण रहे और नागरिक सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें।

नागरिकों से पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्योहारों के दौरान शांति बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

लावारिस बैग, संदिग्ध वस्तु या किसी असामान्य गतिविधि को देखकर स्वयं जांच करने की कोशिश न करें। इसकी जानकारी नजदीकी पुलिसकर्मी या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें।

साथ ही, कार्यक्रम स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखें।

–  रविकांत कांबले नागपुर टुडे

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