Published On : Sat, Nov 5th, 2016

नागपुर सड़क घोटाला – एक महीने में दुरुस्ती का आदेश , पालन नहीं करने पर होगी ब्लैक लिस्ट की कार्यवाही

Nagpur Damage Roadsनागपुर.

सडको के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले कंपनियों और ठेकेदारों पर महानगरपालिका ने बड़ी कार्यवाही की है। शनिवार को मनपा की स्थाई समिति की बैठक में ठेकेदारो को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर सडको को दुरुस्त करने का फरमान सुनाया गया  है। अगर ठेकेदार या कंपनिया ऐसा नहीं करते है तो ये सभी कंपनिया ब्लैक लिस्ट कर दी जाएगी।

सड़क घोटाले का मामला सामने आने के बाद मनपा ने मामले की जाँच के लिए वरिष्ठ नगरसेवक सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था।  जिसमे 18 सडको के निर्माण कार्य को निम्न दर्जे का पाया गया। इन  18 सडको में से 8 सड़के ओ जी बजाज कन्सट्रक्शन कंपनी द्वारा बनाई गई थी। स्थाई समिति की सभा में सिर्फ इसी कंपनी के  खिलाफ कार्यवाही किये जाने का प्रस्ताव तय था  पर बैठक में समिति के अन्य सदस्यो ने अन्य कंपनी और ठेकेदारो पर भी कार्यवाही किये जाने की माँग उठाई। जिसके बाद स्थाई समिति ने इन 18 सडको के निर्माण से जुडी 10 कंपनियों के खिलाफ भी कार्यवाही करने का फैसला लिया है।

समिति में लिए गए फैसले के अनुसार इन  ठेकेदारो और कंपनियों को 1 महीने के भीतर सडको को दुरुस्त करने के आदेश के साथ नोटिस जारी किया गया है। ऐसा नहीं किये जाने पर महानगर पालिका द्वारा भविष्य के लिए ब्लैक लिस्ट किये जाने का फ़ैसला भी लिया गया है। इतना ही नहीं इन कंपनियों का मनपा में (नो लिमिट) नियम के तहत रजिस्ट्रेस्शन था। जिसमे डिमोशन कर ( 1b ) में डाल दिया गया है। यानि इन 10 कंपनियों को अब जो काम दिया जायेगा उसका दायरा सिमित होगा।
अब इन कंपनियों को काम दिए जाने की सीमा 10 करोड़ तक निर्धारित किया गया है इसके अलावा ये सभी कंपनिया सीमेंट रोड फेज़ 3 के अंतर्गत होने वाले कामो में भी भाग नहीं ले पायेगी।

जिन कंपनियों पर कार्यवाही की गई है वह निम्नलिखित है।

– ओ जी बजाज कन्सट्रक्शन

-अमृत  कन्सट्रक्शन

– प्रेमचंद राचूमल

– आर एम गोपलानी

– पी एम ए कन्सट्रक्शन

– अंकित कन्सट्रक्शन

-फोनिक्स इंजीनियरिंग

– एल सी कन्सट्रक्शन

– अमृता कन्सट्रक्शन

– सेठ कन्सट्रक्शन

इन कंपनियों द्वारा जिन सडको का निर्माण किया गया है वह अभी भी इफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में है जिस वजह से इनकी खराबी की सीधी जिम्मेदारी इन कंपनियों की ही बनती है। इस विषय के साथ स्थाई समिति की सभा में उपस्थित सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किये गए।

– राजीव रंजन कुशवाहा