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    Published On : Mon, Jul 23rd, 2018

    स्टेशन को चाहिए मल्टीस्टोरिड पार्किंग

    नागपुर: 151 वर्ष पुराने नागपुर स्टेशन पर ट्रेनों और यात्रियों का बोझ बढ़ता ही जा रहा है. स्टेशन को हेरिटेज का दर्जा मिलने के बावजूद पूर्वी भाग हो या ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाला पश्चिमी भाग, बेतरतीब तरीके से बिखरे वाहन इसकी शान में बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. ऐसे में बदलते समय और भविष्य में वाहनों की असीमित संख्या को देखते हुए मल्टीस्टोरिड पार्किंग समय की जरूरत बन चुकी है.

    सीमित जगह में ही किए जाते रहे बदलाव
    वर्तमान में नागपुर स्टेशन पर प्रतिदिन 150 से अधिक यात्री ट्रेनें और 30,000 से अधिक यात्रियों की आवाजाही है. किसी समय पश्चिमी भाग की ओर मुख्य इमारत के सामने दोपहिया और चारपहिया, दोनों की तरह के वाहनों के लिए जगह हुआ करती थी, लेकिन बढ़ती संख्या से अब यह संभव नहीं रहा. अब यहां केवल कार पार्किंग ही रखी गई है.

    टूव्हीहर पार्किंग को डीआरएम आफिस की बाउंड्री वाल के पास रामझूला के नीचे शिफ्ट कर दिया गया. वाहनों की संख्या बढ़ती रही और जगह केवल इतनी ही बनी रही. इसके अलावा पूर्वीद्वार की ओर भी पार्किंग व्यवस्था की गई लेकिन वह जगह भी कम पड़ रही है. सारे बदलाव इसी परिसर में किए जाते रहे.

    खो रही स्टेशन की शान
    नागपुर स्टेशन की इमारत को हेरिटेज का दर्जा दिया गया है. लेकिन यहां ऐसा कुछ महसूस नहीं होता. इमारत से लगकर सैकड़ों वाहन खड़े रहते हैं. बुलंद इंजन को घेरकर बनी कार पार्किंग चांदी की थाल में लगे किसी धब्बे सरीखा एहसास कराती है. यह हेरिटेज स्टेशन पर गर्व की बजाय नागपुरवासियों के लिए शर्म की बात बन जाती है.

    मल्टीस्टोरिड पार्किंग है समस्या का दूरगामी हल
    ऐसे में रेलवे व मंडल रेल प्रबंधन के पास इस समस्या को समाप्त करने का दूरगामी प्रयास करना होगा. इसके लिए मल्टीस्टोरिड पार्किंग से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. मल्टीस्टोरिड पार्किंग के लिए जगह की कमी नहीं है. संतरा मार्केट की ओर टू-व्हीहर पार्किंग पर यह निर्माण बेहतरीन तरीके से किया जा सकता है. इसके अलावा पार्सल आफिस से लगकर भी मल्टीस्टोरिड पार्किंग बनाई जा सकती है. यहां एक ही बार में सैकड़ों वाहन खड़े किए जा सकेंगे.

    व्यावसायिक उपयोग भी संभव
    निश्चित तौर पर मल्टीस्टोरिड पार्किंग की इमारत का व्यावसायिक उपयोग भी किया जा सकेगा. यहां दूकानें और मिनी शापिंग मॉल के साथ एक्जीक्यूटिव लाउंज जैसी सुविधाएं भी तैयार की जा सकती हैं. इससे सीधे तौर पर रेलवे और मंडल प्रबंधन की आय बढ़ेगी. वहीं, पश्चिमी भाग पर ऐतिहासिक इमारत की सुंदरता पर वाहनों के काले धुएं का दाग भी नहीं लगेगा.

    गडकरी के समक्ष रखेंगे योजना : मित्रा
    पूर्व डीआरयूसीसी सदस्य सुनील मित्रा ने कहा कि निश्चित तौर पर स्टेशन पर पार्किंग की समस्या अब अपनी सीमा पार चुकी है. ऐसे में मल्टीस्टोरिड पार्किंग के अलावा कोई दूसरा उपाय बाकी नहीं. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और नागपुर स्टेशन की हेरिटेज इमारत के महत्व को समझते हुए हम केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस संबंध में अवगत करायेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि गडकरी पार्किंग की समस्या और इसके दूरगामी हल के लिए जरूर प्रयास करेंगे.

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