
नागपुर टुडे : नागपुर शहर पुलिस आयुक्तालय में लंबे समय से प्रतीक्षित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के आंतरिक तबादलों को आखिरकार अंतिम रूप दे दिया गया है। गुरुवार को जारी आदेशों के अनुसार शहर के कई महत्वपूर्ण विभागों और पुलिस परिमंडलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल को अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव क्राइम ब्रांच में किया गया है। पुलिस मुख्यालय में कार्यरत उपायुक्त दीपक अग्रवाल को अब नागपुर शहर क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठित अपराध, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और विशेष जांच से जुड़े मामलों का नेतृत्व अब उनके हाथों में होगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यकुशलता से क्राइम ब्रांच को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं, अब तक क्राइम ब्रांच का नेतृत्व कर रहे राहुल माकणीकर का तबादला पुलिस मुख्यालय में कर दिया गया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने कई चर्चित मामलों की जांच का नेतृत्व किया और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।
परिमंडलों में भी बदलाव
तबादला आदेश के तहत परिमंडल-2 के उपायुक्त नित्यानंद झा को अब परिमंडल-5 की जिम्मेदारी दी गई है। अवैध गतिविधियों, हुक्का पार्लरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए चर्चित झा अब नए क्षेत्र की कानून-व्यवस्था संभालेंगे।
उनके स्थान पर अन्नपूर्णा सिंह को परिमंडल-2 का नया डीसीपी नियुक्त किया गया है। संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकता होगी।
ट्रैफिक विभाग को नया नेतृत्व
शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से आदित्य मिरखेलकर को ट्रैफिक विभाग की कमान सौंपी गई है। बढ़ते वाहनों के दबाव, सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम जैसी चुनौतियों के बीच उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बेहतर पुलिसिंग पर रहेगा जोर
पुलिस विभाग के अनुसार यह फेरबदल केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बदलते अपराध स्वरूप और बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया गया है। अनुभवी अधिकारियों की नई नियुक्तियों से अपराध जांच, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
नागपुर पुलिस आयुक्तालय में हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के बाद अब सभी की नजर नए अधिकारियों की कार्यशैली और उनके नेतृत्व में होने वाली आगामी कार्रवाइयों पर टिकी है।







