
नागपुर– नागपुर शहर में यातायात विभाग के एक अधिकारी से जुड़ा कथित वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कॉटन मार्केट यातायात विभाग में तैनात असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर (एपीआई) शेडगे को पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से यातायात विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, एपीआई शेडगे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वे संजय ट्रैवल्स की बस के एक कर्मचारी से कथित तौर पर पैसे लेते दिखाई देने का दावा किया जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी की भूमिका और यातायात विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने शेडगे के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल
कॉटन मार्केट क्षेत्र में ट्रैवल्स बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही के दौरान कथित वसूली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर पैसों का लेन-देन किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जांच में अन्य लोगों की भूमिका पर नजर
एपीआई शेडगे के निलंबन के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि कथित वसूली के मामले में केवल एक अधिकारी की भूमिका थी या अन्य कर्मचारी भी इसमें शामिल थे। कथित लेन-देन की रकम, इसकी अवधि और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल की इस कार्रवाई के बाद यातायात विभाग में जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें मामले की आगे की जांच पर टिकी हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस प्रकरण में अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका है या नहीं।



