
नागपुर टुडे : नागपुर में नशे के कारोबार पर जरीपटका पुलिस ने ऐसा करारा प्रहार किया है, जिसकी गूंज पूरे पुलिस महकमे में सुनाई दे रही है। लगभग एक महीने तक चली गुप्त निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और बेहद सुनियोजित रणनीति के बाद पुलिस ने उप्पलवाड़ी स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर करीब 7.5 किलो एमडी (मेफेड्रोन) पाउडर बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इसे नागपुर शहर में वर्ष 2026 की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स जब्ती कार्रवाई माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जरीपटका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल तकसांडे के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। सूत्रों के मुताबिक करीब एक माह पहले पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की एक बड़ी खेप नागपुर पहुंचने वाली है। सूचना के बाद पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
चलती कार में पकड़ना मुश्किल, इसलिए बदली रणनीति
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मजहर अली अकबर अली (32) बेहद शातिर तरीके से अपनी गतिविधियां संचालित करता था। वह अक्सर चार पहिया वाहन से आवाजाही करता था, जिससे उसे रंगेहाथ पकड़ना आसान नहीं था। ऐसे में पुलिस ने उसकी हर गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी और कई दिनों तक मूवमेंट का अध्ययन किया। सही समय मिलते ही टीम ने उप्पलवाड़ी स्थित फ्लैट पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा।
तलाशी के दौरान फ्लैट में थैलियों में छिपाकर रखा गया करीब साढ़े सात किलो एमडी पाउडर बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लेकर मादक पदार्थ जब्त कर लिया।
ईद के बाद बाजार में उतारने की थी तैयारी
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि हाल ही में ईद का त्योहार होने के कारण तस्करों ने इस खेप को बाजार में उतारने से रोक रखा था। वे सही समय का इंतजार कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह ड्रग्स नागपुर समेत विदर्भ के विभिन्न जिलों में सक्रिय छोटे-बड़े पेडलरों के माध्यम से खपाई जाने वाली थी।
महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में एक महिला की भूमिका भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि उसी के माध्यम से यह खेप आरोपी तक पहुंचाई गई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। महिला सहित अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
दिल्ली कनेक्शन की पड़ताल
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडी नागपुर तक कैसे पहुंची। आशंका है कि यह खेप दिल्ली अथवा उत्तर भारत के किसी अन्य राज्य से सड़क मार्ग के जरिए लाई गई थी। जांच एजेंसियां अब सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
एजेंसियों को भी नहीं लगी भनक
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस आवासीय परिसर में करोड़ों रुपये का मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया था, उसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर किसी को नहीं थी। यहां तक कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य एजेंसियों को भी इसकी भनक नहीं लगी। ऐसे में जरीपटका पुलिस की गोपनीय कार्रवाई और खुफिया तंत्र की शहरभर में चर्चा हो रही है।
मुख्य सरगना तक पहुंचना अब सबसे बड़ी चुनौती
परिमंडल-6 के पुलिस उपायुक्त डॉ. संदीप पखाले के मार्गदर्शन में जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपी इस पूरे नेटवर्क की केवल एक कड़ी हो सकता है। पूछताछ के दौरान कई बड़े नामों और अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, जरीपटका police की इस बड़ी कार्रवाई ने नागपुर के ड्रग माफिया में हड़कंप मचा दिया है। शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ इसे हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक माना जा रहा है।







