
नागपुर – पतंगबाजी के दौरान जानलेवा साबित होने वाले नायलॉन मांजे के इस्तेमाल और बिक्री पर अब प्रशासन और सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। नायलॉन मांजे की बिक्री, भंडारण, परिवहन और इस्तेमाल पर स्थायी रोक सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विस्तृत नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
एडिशनल कलेक्टर अनूप खांडे ने बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने नायलॉन मांजे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत नागपुर और अमरावती संभाग में संबंधित जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त तथा महानगरपालिका प्रशासन को आवश्यक नियमावली तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पतंग उड़ाते पकड़े गए तो ₹25 हजार का जुर्माना
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नायलॉन मांजे से पतंग उड़ाते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति पर ₹25 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि नायलॉन मांजे का इस्तेमाल करने वाला नाबालिग पाया जाता है, तो जुर्माने की राशि उसके माता-पिता से वसूली जाएगी। प्रशासन की ओर से इस संबंध में सख्त निगरानी और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
विक्रेताओं पर सीधे ₹2.50 लाख की मार
नायलॉन मांजे का भंडारण करने वाले विक्रेताओं पर ₹2.50 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा बिक्री और अन्य तरीकों से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि हर उल्लंघन पर अलग से जुर्माना वसूला जा सकेगा। इससे नायलॉन मांजे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
नागरिकों से मांजा इस्तेमाल नहीं करने की अपील
एडिशनल कलेक्टर खांडे ने नागरिकों से न्यायालय के आदेशों का पालन करने और नायलॉन मांजे का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि नायलॉन मांजा आम नागरिकों के साथ-साथ पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए पतंगबाजी के दौरान प्रतिबंधित मांजे का इस्तेमाल न करने के साथ ही इसकी बिक्री या भंडारण की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।




