
नागपुर: शहर की पारंपरिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले मारबत महोत्सव का रविवार से शुभारंभ हो गया। राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी काली और पीली मारबत की विधिवत पूजा की। इस वर्ष मुख्य मारबत महोत्सव का आयोजन 11 सितंबर को किया जाएगा।
इस अवसर पर महापौर निता ठाकरे, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी-वखरे, पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील, मनपा आयुक्त डॉ. विपीन सहित पुलिस और महानगरपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारी, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूजा के बाद हेरिटेज वॉक का आयोजन भी किया गया।
145 साल पुरानी परंपरा के संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि नागपुर के मारबत उत्सव को करीब 145 वर्षों की ऐतिहासिक परंपरा प्राप्त है। मारबत के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों, अनिष्ट प्रथाओं, रोग और संकट को दूर करने का संदेश दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि मारबत जैसे पारंपरिक उत्सवों में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी होती है। ऐसे आयोजनों की परंपरा का संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार करना राज्य के सांस्कृतिक कार्य विभाग का उद्देश्य है। उन्होंने मारबत महोत्सव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों की भी सराहना की।
महापौर बोलीं- बुराइयों को दूर करने का प्रतीक है मारबत
महापौर निता ठाकरे ने कहा कि मारबत और बडग्या केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि समाज की बुराइयों और संकटों को दूर कर शहर को प्रगति की दिशा में आगे ले जाने का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग और महानगरपालिका के बीच बेहतर समन्वय से इस वर्ष के महोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से समाज में नकारात्मकता और बुराइयों का विरोध कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी
महानगरपालिका की ओर से बताया गया कि महापौर निता ठाकरे के मार्गदर्शन में मारबत और बडग्या महोत्सव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, प्रसिद्ध हस्तियों और मराठी एवं हिंदी फिल्म जगत के कलाकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।
महोत्सव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राज्यमंत्री आशीष जैस्वाल सहित सांसदों और विधायकों को भी आमंत्रित किया गया है।
हेरिटेज वॉक में दिखा नागपुर का इतिहास
मारबत महोत्सव के अवसर पर शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से नागरिकों को परिचित कराने के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। काली मारबत मंदिर से शुरू हुए इस वॉक में नागरिकों को मारबत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा की जानकारी दी गई।
हेरिटेज वॉक में सहयोग और नेतृत्व के लिए आर्किटेक्ट मंदिरा नेवारे का विशेष सम्मान किया गया। वहीं, बडग्या पर विशेष अध्ययन कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले राहुल जांभुलकर का भी सम्मान किया गया।
काली मारबत के दर्शन के बाद हेरिटेज वॉक पिली मारबत की ओर रवाना हुआ। इस दौरान मंदिरा नेवारे ने मार्ग में आने वाले विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और मारबत परंपरा से जुड़े संदर्भों की जानकारी दी। पीली मारबत पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को उसकी परंपरा, इतिहास और पूजा तथा ओटी भरने के धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया गया।
पुलिस और मनपा ने किया मार्ग का संयुक्त निरीक्षण
मारबत महोत्सव को लेकर नेहरू पुतला चौक से पीली मारबत चौक तक के मार्ग का पुलिस और महानगरपालिका प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण किया। महापौर निता ठाकरे, पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील और मनपा आयुक्त डॉ. विपीन के मार्गदर्शन में अधिकारियों ने मार्ग की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी पीली मारबत का आयोजन तऱ्हाने तेली समाज और काली मारबत का आयोजन काली मारबत उत्सव समिति की ओर से किया जा रहा है।
मारबत देखने के लिए कोई टिकट नहीं
नागरिकों के लिए मारबत महोत्सव देखने के लिए किसी भी प्रकार का टिकट नहीं रखा गया है। नागरिक इस ऐतिहासिक और पारंपरिक उत्सव में नि:शुल्क शामिल होकर मारबत के दर्शन कर सकेंगे।




