
नागपुर – नागपुर में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग किशोरियों को अपने जाल में फंसाने का गंभीर मामला सामने आया है। अजनी पुलिस थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम के माध्यम से 15 वर्षीय किशोरी से दोस्ती करने, उसे प्रेमजाल में फंसाने और कथित तौर पर लगातार दुष्कर्म करने के आरोप में 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। किशोरी के गर्भवती होने के बाद इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित किशोरी दसवीं कक्षा में पढ़ती है। उसकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए सोनेगांव निवासी रौनक पथरोल (21) से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होती थी। धीरे-धीरे यह बातचीत फोन तक पहुंच गई और दोनों के बीच दोस्ती बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने किशोरी को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
अलग-अलग जगहों पर शोषण करने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने किशोरी का विश्वास हासिल करने के बाद उसके साथ अलग-अलग जगहों पर दुष्कर्म किया। आरोप है कि वह लगातार उसका शोषण करता रहा। साथ ही, इस बारे में किसी को कुछ बताने पर बदनामी होने का डर भी दिखाया गया। इसी डर के कारण किशोरी ने शुरुआत में परिजनों को घटना की जानकारी नहीं दी।
तबीयत बिगड़ने पर सामने आया मामला
जून 2026 में किशोरी की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसकी मां उसे डॉक्टर के पास लेकर गई। चिकित्सकीय जांच और सोनोग्राफी के दौरान किशोरी के लगभग 15 सप्ताह की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। यह पता चलने पर मां ने किशोरी से पूछताछ की। तब किशोरी ने आरोपी रौनक पथरोल के बारे में बताया और कथित घटनाक्रम की जानकारी दी।
इसके बाद परिजनों ने पहले किशोरी का उपचार कराया और फिर पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। नाबालिग के गर्भवती होने और उसके बयान के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
अजनी पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी रौनक पथरोल के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते खतरे को लेकर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सोशल मीडिया सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। इंस्टाग्राम और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की सतर्कता बेहद जरूरी है। किसी भी तरह के दबाव, धमकी या अनुचित व्यवहार की स्थिति में बच्चों को भरोसेमंद परिजनों अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।



