
नागपुर: टेकानाका स्थित होप अस्पताल के डॉक्टर से कथित तौर पर 12 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पांचपावली पुलिस ने शिवसेना के शिंदे गुट के युवा सेना जिला प्रमुख शरद सरोदे समेत 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि अस्पताल को बदनाम करने और उसका लाइसेंस रद्द कराने की धमकी देकर रकम की मांग की गई। मामले में कार्रवाई में देरी के आरोपों के बाद पांचपावली के तत्कालीन PI अनिरुद्ध पुरी को निलंबित कर दिया गया है।
मामला होप अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत से जुड़ा है। अस्पताल संचालक डॉ. मुरली बालसुंदरम कसियामल की शिकायत के अनुसार, वर्धा निवासी विठ्ठल तुकाराम साठे को 30 अगस्त को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। शिकायत के मुताबिक, मरीज के शरीर में गैंगरीन का संक्रमण फैल चुका था और डॉक्टरों ने परिजनों को पैर काटने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन परिजनों ने इसकी अनुमति नहीं दी। उपचार के दौरान 5 सितंबर को मरीज की मौत हो गई।
इसके बाद मरीज के परिजन और कुछ युवा सेना पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉक्टर की शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान शरद सरोदे ने अस्पताल को बदनाम करने और लाइसेंस रद्द करवाने की धमकी दी तथा कथित तौर पर 10 लाख रुपये अपने लिए और 2 लाख रुपये मरीज के परिजनों के लिए मांगे गए। डॉक्टर ने कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ पुलिस में शिकायत दी।
पांचपावली पुलिस ने शरद सरोदे, मनीषा पापड़कर, पंकज खिंची, मुल्ला सिंह गौर, प्रतीक बहुगुणा, महेश ढोले और शुभम साठे के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
PI अनिरुद्ध पुरी निलंबित
इस मामले में शिकायत पर कार्रवाई में देरी के आरोपों के बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने पांचपावली के तत्कालीन PI अनिरुद्ध पुरी को निलंबित कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, डॉक्टर की शिकायत और कथित सबूतों के बावजूद FIR दर्ज करने में देरी को लेकर सवाल उठे थे। पुलिस अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता पक्ष को औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने आने को कहा गया था।
निलंबन के बाद जितेंद्र बोबडे को पांचपावली थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले में पुलिस अब FIR में लगाए गए आरोपों, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है।



