
नागपुर – इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री डाउनलोड करने और साझा करने के गंभीर मामले में नागपुर की इमामवाड़ा पुलिस ने 41 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अमेरिका स्थित साइबर एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि कथित गतिविधियों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान रोनीत रामराके उर्फ नीतेश शंकरराव शेंडे (41) के रूप में हुई है। आरोप है कि वह इंटरनेट पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी नाम का इस्तेमाल करता था। अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से जुड़े डिजिटल माध्यमों के जरिए वह नाबालिग बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अश्लील सामग्री डाउनलोड करने और साझा करने की गतिविधियों में शामिल था।
अमेरिकी एजेंसी की साइबर टिपलाइन रिपोर्ट से मिला सुराग
इस मामले में अमेरिका स्थित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) की साइबर टिपलाइन रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, 6 मई को जारी रिपोर्ट में आरोपी से जुड़े डिजिटल माध्यमों पर आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस ने स्वयं फरियादी बनकर शिकायत दर्ज की और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
डिजिटल साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य कथित तौर पर डाउनलोड और साझा की गई सामग्री, संबंधित डिजिटल खातों तथा गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों का पता लगाना है।
नाबालिग बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री का ऑनलाइन प्रसार एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल, पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।



