Published On : Tue, Nov 27th, 2018

नागपुर क्राईम ब्रांच के पुलिस सब इन्स्पेक्टर पर उनके पत्नी ने लगाये गंभीर आरोप

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निलंबित करने की मांग
न्याय नहीं मिला तो आमरण उपोषण करेंगे।
पत्रपरिषद् में दी जानकारी

नागपुर: जहां पुलिस प्रशासन एक तरफ महिलाओ को सुरक्षा और संरक्षण दिए जाने की बात करती है, दामिनी पथक और भरोसा सेल भी बनाये गए लेकिन जब रक्षक ही महिलाओ की रक्षा ना कर पाए और पुलिस डिपार्टमेंट के ही पुलिस अधिकारी द्वारा अपने ही पत्नी पर दहेज़ की मांग और बंद कमरे में उसे भूखा , प्यासा रख कर उस पर कई तरह के जुर्म करे तो फिर यह अन्याय और अत्याचार नहीं तो क्या है.

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ऐसा ही एक अन्याय और अत्याचार का मामला सामने आया है. पीड़ित महिला ने अपने ऊपर पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों द्वारा अन्याय और अत्याचार की घटना को तिलक पत्रकार भवन में पत्रकार परिषद् के दौरान सभी उपस्थित पत्रकारों को अपनी आप बीती सुनाई।

पीड़िता का नाम सौ.श्वेता राजकुमार त्रिपाठी उम्र ३३ नागपुर निवासी ने आरोप लगाया है की पति राजकुमार रामनगीना त्रिपाठी और ससुराल पक्ष के सदस्यों द्वारा शादी के कुछ दिनों बाद से ही अन्याय और अत्याचार पीड़िता पर शुरू कर दिए.

ससुराल पक्ष के लोगो द्वारा बार बार मायके से १० लाख रुपयों की मांग को लेकर काफी प्रताड़ित किया जाता और यही नहीं कमरे में पीड़िता को बंद कर रस्सी से हाथ पैरो को बाँधा जाता।

पीड़िता के पति अपराध शाखा में पुलिस सब इन्स्पेक्टर है, जिससे सभी कानून दावं पेच उसे पता है. पीड़िता की शादी २१ जनवरी २०१५ को को रीतिरिवाज से संपन्न हुई, जिसके कुछ दिनों बाद ही पीड़िता पर अन्याय और अत्याचारों का सिलसिला शुरू हुआ, बात बात पर अश्लील और भद्दी भद्दी गालिया दे कर, पीड़िता को मारने पीटने की बात रोज मर्रा में होने लगी जिससे कई बार पीड़िता ने इस बात की जानकारी अपने मायके वालो को दी,

लगातार एक वर्ष पूर्ण होने के बाद पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जहा बच्ची के होने के बाद भी पीड़िता पर अन्याय अत्याचार का सिलसिला शुरू हुआ, बच्ची को भी माँ से दूर रख कर बंद कमरे में रख अत्याचार का सिलसिला शुरू ही था, की एक दिन अचानक मायके के कुछ सदस्य, पीड़िता के पिता के साथ पहुंचे जहा सम्पूर्ण नजारा अपने आँखों देखा हाल पीड़िता के मायके वालो ने बतायी, तभी देर न करते हुए, नजदीक ही पुलिस थाने में उक्त घटना सुनाई और शिकायत दर्ज कराई।

यह घटना के साक्षीदार खुद पुलिस भी होने की बात पीड़ित परिवार ने कही, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं किये जाने की बात भी कही, पुलिस महकमे का फायदा उठा कर कई दिनों तक के यह अन्याय और अत्याचार कर और अपनी सर्विस रिवाल्वर को पीड़िता के कनपटी पर रख जान से मारने की धमकी भी देने की बात बतायी, जिससे पीड़िता और बच्ची पति राजकुमार त्रिपाठी और ससुराल पक्ष के सदस्यों से काफी डरी सहमी रहने लगी थी,

पत्रकार परिषद् के दौरान समाजसेवी प्रवीण शर्मा ने अपराध शाखा में अभी भी पुलिस सब इन्स्पेक्टर के पद पर कार्य कर रहे राजकुमार त्रिपाठी को त्वरित निलंबित करने की मांग की, अन्यथा पीड़िता को न्याय न मिलने पर संविधान चौराहे पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है.

पत्रकार परिषद् में पीड़ित सौ. श्वेता त्रिपाठी, लक्ष्मीनारायण तिवारी, प्रवीण शर्मा, शंकर बेलखोडे, और महिला समाजसेवी और पार्षद सुरेखा घोरपड़े मौजूदा रूप से उपस्थित थी.

इस मामले में गिट्टीखदान थाने के थानेदार विनोद चौधरी इनसे बात की तो उन्होंन्हे साफ़ तौर पर बताया की मामला यह गंभीर था हमने कानुनी कारवाई करते हुवे पुलिस सब इन्स्पेक्टर राजकुमार त्रिपाठी और उनके परिवार के सदस्य के खिलाफ दहेज़ प्रताड़ना 498 (A )34, हुंडाबड़ी अधिनियम 3 , 4 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच शुरू है। सुप्रीम कोर्ट के नई गाईड लाईन के तहत इस तरह के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता इसलिए कानुनी कारवाही हमने की है और आगे की जाँच शुरू है।

नागपुर क्राईम ब्रांच के पुलिस सब इन्स्पेक्टर राजकुमार त्रिपाठी का कहना था की मेरे ऊपर लगाए आरोप यह झुठे और बेबुनियाद है, मुझे और मेरे परिवार की बदनामी करने की यह साजिश है उचित समय आने पर पत्र परिषद् लेकर सारी सच्चाई बताऊंगा.

– रविकांत कांबले
नागपुर टुडे

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