Published On : Tue, Jul 21st, 2015

नागपुर (सावनेर) : वन्यजीव तस्कर गिरोह पकड़ा गया


9 आरोपी गिरफ्तार
दुर्लभ प्रजाती के जीव मिले 

सवांददाता / किशोर ढूंढेले

सावनेर (नागपुर)। वन्यजीव तस्कर गिरोह को पकड़ने में वन अधिकारियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इसमें वन विभाग ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. वन विभाग ने यह कार्रवाई 20 जुलाई को की. आरोपियों में कुर्ली मांडल निवासी रजत मनोहर तिरपुड़े (18), नागपुर निवासी मयूर सोमदिवे (23), पुणे निवासी गणेश यशवंत कबाड़े (31), योगेश विठ्ठल भंडारे (23), राहुल सदाशिव शिवले (26), सोमनाथ खडसे (36), साईंदास शंकर कुसल (22), ब्रम्हपुरी निवासी अभिषेक भास्कर पाठक (18) तथा सावनेर निवासी भूषण इंद्रसेन भोंडे (17) का समावेश है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां के महाजन ले-ऑऊट छिंदवाड़ा रोड के समीप का निवासी भूषण भोंडे खुद को सर्प मित्र बताता था. इस नाबालिक के घर कुछ अज्ञात लोगों का आनाजाना हमेशा रहता था. ऐसी गुप्त जानकारी मानद वन्यरक्षकों के माध्यम से खापा वन परीक्षेत्र अधिकारी रविंद्र घाडगे को मिली. उन्होंने वन्यजीव संरक्षण (एन.जी.ओ) और अपने कर्मचारीयों के माध्यम से जाल बिछाया. किसी को शक न हो इसलिए दो व्यक्तियों के घर सांप निकला है, ऐसा बताकर इस क्षेत्र में कोई भूषण भोंडे का मकान ढूंडा. अधिकारी का इशारा मिलते ही वन अधिकारी और सहकर्मियों ने वन्यजीव तस्कर गिरोह को धरदबोचा.

अचानक पड़े छापे से अन्य जिले के युवक डर गए. पूछताछ करने पर सभी ने टालमटोल कर जवाब दिया. घर के अंदर तलाशी में प्लास्टिक की बर्नियों में विविध प्रकार के सांप और अन्य जीव मिले. इसकी जानकारी तुरंत एनजीओ को दी गई. ये गिरोह फेसबुक द्वारा संपर्क करते थे. गिरोह का संबंध राज्यकीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोह से तो नही इसकी तलाश जारी है. विशेष बात यह है कि इन आरोपियों के पास सर्प मित्र का कोई रजिस्ट्रेशन नही है.

वन्यजीवों की कीमत लाखों में
आरोपियों के पास से विषारी सांप घोणस, फुकरी चापला जैसे दुर्लभ प्रजाती के सांप, अजगर, देऊन गेको प्रजाती की छिपकली और एक मेंढक तथा सांप के 6 अंडे मिले है. जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लाखों रूपये आंकी गई है. सर्पमित्रो का काम सांप को पकड़ना और वन्य जीव किताब में नाम दर्ज कर जल्द से जल्द उन्हें जंगल में छोड़ना होता है. लेकिन इस गिरोह ने ऐसा कुछ नही किया. आरोपीयों पर वन्यजीव कानून 39, 44 (अ), 48 (अ), 49,51 के तहत मामला दर्ज किया गया. आगे की जांच वन अधिकारी रविन्द्र घाडगे कर रहे है.

Representational Pic

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