Published On : Tue, Sep 25th, 2018

नाग नदी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के लिए दोनों ओर 15 मीटर का होगा अधिग्रहण

नागपुर: शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में परिवर्तित करने के नाम पर चल रही विकास योजनाएं भले ही वित्तीय संकट के चलते दम तोड़ रही हों, लेकिन नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते मनपा की ओर से अब नाग नदी रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 16 किलोमीटर लंबी नाग नदी के दोनों ओर 15-15 मीटर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिससे आम लोगों पर बेघर होने की आ रही नौबत को लेकर सोमवार को नगर भवन में हुई मनपा की सभा के बाहर राष्ट्रवादी कांग्रेस और जय-जवान, जय किसान संगठन की ओर से जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया. साथ ही इस प्रस्ताव को तुरंत रद्द करने की मांग भी मनपा से की गई. संगठन के अध्यक्ष प्रशांत पवार के अलावा राकां के जिला अध्यक्ष अनिल अहिरकर और गुटनेता दुनेश्वर पेठे के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता शामिल थे.

सौंदर्यीकरण के लिए झोपड़पट्टियों की बलि
नेताओं का मानना था कि सौंदर्यीकरण के नाम पर अंबाझरी से लेकर पुनापुर तक दोनों ओर बने कई मकान और बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचने से इंकार नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा यदि किसी को विस्थापित करना हो, तो उसका वैकल्पिक पुनर्वास करना होगा, जिसके लिए पुनर्वास के लिए आवश्यक निधि योजना की जिम्मेदारी के विभाग के पास पहले जमा करनी होती है. लेकिन किसी तरह की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है. सौंदर्यीकरण के नाम पर 15,000 के करीब झोपड़ियों की बलि ली जाएगी, जबकि कई लोग रोजगार से भी वंचित हो जाएंगे. इस तरह के फैसले को तुरंत रोकने की मांग उन्होंने की.

स्थापत्य समिति को भेजा प्रस्ताव
एक ओर जहां सदन के बाहर इस मुद्दे को लेकर हंगामा रहा, वहीं दूसरी ओर इसी प्रस्ताव को मनपा की सभा के विचारार्थ भी रखा गया. हालांकि हंगामे के कारण इस प्रस्ताव पर चर्चा तो नहीं हो सकी, लेकिन प्रशासन की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए इसे स्थापत्य समिति को भेजे जाने की जानकारी सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी ने दी. उन्होंने बताया कि नाग नदी का 2 स्तर पर विकास किया जाना है. पहले फेज में इसकी सफाई और ट्रंक लाइन आदि डाला जाना है, जिसे पहले ही मंजूरी मिली हुई है. दूसरे फेज में नाग नदी रिवर फ्रंट का प्रस्ताव है.

इस संदर्भ में केंद्रीय स्तर पर हुई चर्चा में इसे स्वीकृति देने का आश्वासन दिया गया है, जिसे लेकर डीपीआर तैयार किया जा रहा है. रिवर फ्रंट के लिए दोनों ओर 15-15 मीटर की जगह की आवश्यकता जताई गई है, जिसका अध्ययन करने के बाद पुन: मनपा की सभा में प्रस्ताव आएगा. इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा.