Published On : Wed, May 18th, 2022

मनपा चुनाव: 3 प्रभागों की रचना में सुधार, अंतिम प्रभाग रचना का जारी हुआ नोटिफिकेशन

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नागपुर. मनपा चुनाव को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश दिए जाने के बाद अब राज्य चुनाव आयोग ने अंतिम प्रभाग रचना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मंगलवार को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार अंतिम प्रभाग रचना में 3 प्रभागों की रचना में मामूली सुधार किया गया है. विशेषत: प्रभाग 29 की रचना को लेकर आपत्ति जताई गई थी जिसके बाद इसमें तथ्य पाए जाने पर मनपा आयुक्त के सुझावों के अनुसार इसमें मामूली हेरफेर किया गया. इस सुधार के साथ अब 3 सदस्यीय प्रभाग रचना पर मुहर लग गई है. राज्य चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार प्रभाग रचना की जानकारी न केवल मनपा की वेबसाइट बल्कि सभी जोनल कार्यालयों में भी उपलब्ध है. प्रभाग रचना के अनुसार अब प्रभाग में औसतन मतदाताओं की संख्या 47,067 होगी. सबसे अधिक मतदाता प्रभाग 29 में 54,093 होंगे, जबकि सबसे कम मतदाता प्रभाग 48 में 41,092 होंगे.

प्रभाग 29 में बढ़े, 48 में घटे मतदाता
राज्य चुनाव आयोग की ओर से लगाई गई मुहर के बाद अंतिम प्रभाग रचना के अनुसार पहले प्रभाग 29 में कुल 48,864 मतदाता थे जिसमें अनुसूचित जाति के 3,561 और अनुसूचित जनजाति के 3,239 थे, जबकि सुधार के बाद कुल मतदाताओं की संख्या 54,093 हुई है जिसके अनुसार मतदाताओं की संख्या 5,229 बढ़ गई है. इसी तरह से प्रभाग 46 में पहले 43,215 मतदाता थे, जबकि सुधार के बाद अब 42,266 हुई है, जिससे यहां मतदाताओं की संख्या 949 से कम हुई है. इसके अलावा प्रभाग 48 में पहले मतदाताओं की संख्या 45,372 थी, जबकि सुधार के बाद अब 41,092 हुई है जिसके अनुसार 4,280 मतदाता घटे हैं. उल्लेखनीय है कि अंतिम प्रभाग रचना वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार पर तैयार की गई है. इसी के आधार पर कुल जनसंख्या, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के आधार पर मतदाता निश्चित किए गए.

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अब प्रभागों में आरक्षण का बढ़ा प्रेशर
-जानकारों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार चुनाव की प्रक्रिया तो आगे बढ़ गई लेकिन अभी भी वास्तविक चुनाव की घोषणा होनी बाकी है. चुनाव के पूर्व की तैयारियों में अब प्रभागों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पुरुष और महिलाओं के आरक्षण को सुनिश्चित करना है.

-राज्य चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार मनपा आयुक्त को निर्धारित तारीख को सार्वजनिक स्तर पर आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करनी है. बताया जाता है कि जल्द ही आरक्षण की लॉटरी के लिए तारीख की घोषणा भी हो सकती है जिससे अब किन प्रभागों में आरक्षण निश्चित होता है, इसे लेकर कार्यकर्ताओं के बीच प्रेशर बढ़ गया है.

OBC आरक्षण नहीं होने से दलों को छूट
राजनीतिक जानकारों के अनुसार मनपा चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुको के रुख के बाद भले ही राजनीति हो रही हो लेकिन इससे राजनीतिक समीकरणों पर कोई असर होता दिखाई नहीं दे रहा है. ओबीसी आरक्षण नहीं होने के बाद भी जहां इस वर्ग का वर्चस्व होगा, वहां सभी राजनीतिक दल इसी वर्ग के महिला या पुरुष को प्रतिनिधित्व देंगे. संबंधित प्रत्याशी केवल खुले वर्ग से नामांकन-पत्र दाखिल करेगा. इसके अलावा प्रभाग के जातिगत समीकरणों पर भी कोई खास असर नहीं होगा. इसके विपरीत ऐसे प्रभागों में प्रत्याशियों के चयन को लेकर राजनीतिक दलों को न केवल छूट होगी बल्कि कई विकल्प भी होंगे.

तारीखों को लेकर असमंजस
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राज्य चुनाव आयोग ने सुको में हलफनामा दायर कर बारिश के मौसम और चुनाव पूर्व आवश्यक तैयारियों में 2 माह का समय लगने के कारण सितंबर के बाद चुनाव संभव होने की आशा जताई थी किंतु अब सुको ने जहां बारिश नहीं होती है, वहां पर चुनाव कराने में क्या परेशानी है? इस संदर्भ में चुनाव आयोग से जवाब मांगा है. इस तरह से सुको और राज्य चुनाव के बीच चल रहे तकनीकी पेंच के कारण चुनाव की तारीखों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. जानकारों के अनुसार यदि कोर्ट ने कड़ा रुख लिया तो जून के अंतिम सप्ताह तक भी चुनाव हो सकेंगे. यदि राज्य चुनाव आयोग की दलीलों को स्वीकार किया गया तो अक्टूबर में ही चुनाव होने के आसार हैं.

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