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    Published On : Sat, Aug 29th, 2020

    मुंढे का चरित्र हनन मामला सदर,सीताबर्डी थाना पहुंचा

    – मनपा में कामगार नेता जम्मू आनंद ने अज्ञात महिला और उसे भेजने वाले अज्ञात नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई

    नागपुर – नागपुर महानगर पालिका के पूर्व निगम आयुक्त तुकाराम मुंढे को बदनाम एवं उनका चरित्र हनन करने के उद्देश्य से आयी महिलाएं,जिन्होंने खुद अपने कपड़े फाड़े और जिन नेता ने उक्त महिलाओं को भेजा उनके खिलाफ सदर पुलिस स्टेशन एवं सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज की गयी।

    कल 28 अगस्त को नागपुर शहर के एक लोकप्रिय हिंदी दैनिक के मुख्य पृष्ठ पर बड़ी खबर छपी थी,जिसके मुताबिक तुकाराम मुंढे पूर्व निगम आयुक्त नागपुर महानगर पालिका ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले कुछ अज्ञात महिलाएं उनके पास आई थी और खुद ही अपने कपड़े फाड़े। मुंढे ने आरोप लगाया कि उक्त महिलाओं को किसी ने भेजा था और उनका इरादा उनका चरित्र हरण और बदनाम करने का था। मुंढे ने इतनी बड़ी घटना का खुलासा उस वक्त किया जब राज्य सरकार उनका नागपुर महानगर पालिका से स्थानांतरित कर दिया।

    इतनी गंभीर और संवेदनशील घटना को मुंढे ने चार-पांच दिनों तक गुप्त क्यों रखा यह समाज के परे है और जैसे ही उनका स्थानांतरित हुआ। इस घटना को उन्होंने साझा किया। यह घटना काफी गंभीर जिसमें महिलायें शामिल है,कुछ लोगों ने उन महिलाओं का इस्तेमाल किया यह भी बड़ी गंभीर बात कहीं कोई गिरोह तो काम नहीं कर रहा जो इस प्रकार के तरीके अपनाकर अधिकारियों को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।

    अतः में उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए आज शनिवार 29 अगस्त 2020 को मैंने सदर और सीताबर्डी दोनों पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की है।आखिर मामला ब्लैकमेल करने, झूठ बोलने एवं महिलाओं का गिरोह चलाने का है। शिकायत में तीन बिंदुओं की ओर पुलिस का ध्यान आकर्षित किया गया।

    – अज्ञात महिलाएं जो मुंढे के पास आए और अपने कपड़े फाड़े जिनका इरादा उनका चरित्र हनन करना और बदनाम करना था. – जिन लोगों ने इन महिलाओं को मुंढे के पास भेजा ऐसे अज्ञात लोग।
    -मुंढे ने इस संवेदनशील घटना को चार-पांच दिन क्यों गुप्त रखा अतः वे स्वयं संदेह के घेरे में है और अगर उनकी यह बात झूठ साबित होती है तो मुंढे के भी खिलाफ भारतीय दंड सहिता के विभिन्न धाराओं के तहत गुन्ह दर्ज की जानी चाहिए और कड़ी से कड़ी सजा मिले इस प्रकार की मांग की।

    मुंढे ने घटना स्थल का उल्लेख न किये जाने की बजह से दो अलग- अलग पुलिस स्टेशनों में की गई। ऐसा इसलिए की मुंढे का कार्यालय सदर पुलिस स्टेशन की हद में आता है और निवास बर्डी पुलिस स्टेशन के हद में आता है। किसी वरिष्ठ अधिकारी वह भी आय.ए.एस. अधिकारी द्वारा इस प्रकार का आरोप लगाना की कुछ महिलाएं उनके पास आयी और स्वंय ही अपने कपड़े फाड़ने लगे शायद ही नागपुर के इतिहास में यह पहली घटना होगी, अगर आरोप झूठा भी साबित होता है तब भी यह पहली घटना होगी की कोई आय.ए.एस. अधिकारी ऐसी झूटी बात करता हो।

    दोनों ही स्तिथि में महिलाओं को बदनाम करने की चेष्टा की गयी है मुंढे को बदनाम और चरित्र हनन करने के लिए महिलाओं का उपयोग करना हो या फिर महिलाओं को लेकर झूट बोंलने की बात हो दोनों ही स्तिथि में महिला ही बदनाम किया गया है अतः पूरा प्रकरण काफी गंभीर है,जब मै शिकायत दर्ज की उस वक्त कविता धीर, किरण ठाकरे, राजेश बिजेकर, नरेंद्र पूरी, शरीक शेख, संतोष काम्बले, उपस्थित थे।

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