Published On : Mon, Feb 17th, 2020

मुंढे ने सत्तापक्ष को दिया 10 मिनट का समय

– सत्तापक्ष नेता ने लिखित मुलाकात की मांग की थी तो मुंढे ने मौखिक सूचना दी,क्या यही पारदर्शी प्रशासन का नमूना हैं

नागपुर – मनपा के नए आयुक्त ने जिम्मेदारी संभाली। जिम्मेदारी संभालते ही आयुक्त ने मनपा के नगरसेवकों से पूर्णतः दूरी बनाए हुए हैं। उनके रुख को भांप सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव ने आयुक्त को लिखित गुजारिश कर सत्तापक्ष के नगरसेवकों का आयुक्त से मुलाकात के लिए समय मांगा। आयुक्त कार्यालय से 2 दिन बाद आज सोमवार 2 बजे दोपहर 10 मिनट के लिए मुलाकात का मौखिक सूचना सत्तापक्ष नेता को दी गई।

मुंढे निष्पक्ष,स्वच्छ प्रशासन के संचलन का डंका पिटते रहे,नागपुर में भी ऐसा ही कुछ अपने कार्यशैली से अनुभव करवा रहे। लेकिन मनपा में जिम्मेदारी संभालते ही नगरसेवकों से दूरी बनाए रखना,आमना-सामना हुआ तो सहर्ष मुलाकात तो दूर,मुख फेर अपने गंतव्य स्थल की ओर चलते बनाना क्या यह मनपा स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्यवर्धक हैं ?

नए चर्चित मनपा आयुक्त ने नगरसेवक,पदाधिकारी को मिलने का मौका तो नहीं दिया और खुद मनपा की परंपरा अनुसार 14 दिन बाद महापौर से 12 फरवरी को मिले,क्योंकि 13 फरवरी को मनपा की विशेष सभा में सत्तापक्ष को नज़रन्दाजगी का शिकार न होना पड़े।

13 फरवरी की विशेष सभा शुरू होने के पूर्व परिसर में पहुंचे तो सामने खड़े महापौर और मार्ग में खड़े नगरसेवक,पदाधिकारी,अधिकारी को नज़र अंदाज़ कर अपने कक्ष की ओर चलते बने। अब तक इस तरह किसी पूर्व आयुक्त ने मुंढे की तर्ज पर नगरसेवकों आदि से दूरियां नहीं बनाई,बल्कि वे आमना सामना होने वाले सभी से औपचारिक मुलाकात के साथ कुछ चर्चाएं कर मनपा अधिकारी-नगरसेवकों के मध्य सद्भावनाएँ कायम रखे हुए थे।

मुंढे के रूखे स्वभाव से न नगरसेवकों को मुलाकात का समय मिल पा रहा था और न ही उनकी आयुक्त से मुलाकात बाद कोई राय बन पा रही थी। इसी कशमकश के मध्य सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव ने सकारात्मक समन्वय के उद्देश्य से आयुक्त को पत्र लिख सत्तापक्ष के नगरसेवकों के लिए वक़्त की मांग की तो 2 दिन बाद आयुक्त ने अपने स्वभाव के मुताबिक सत्तापक्ष नेता को अपने कार्यालय के मार्फत आज सोमवार की दोपहर 2 बजे 10 मिनट के लिए मुलाकात का मौखिक सूचना पहुँची।

जानकारी मिली हैं कि इस सूचना के बाद सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव के नेतृत्व में भाजपा के सिर्फ नगरसेवक आयुक्त मुंढे से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में कितने नगरसेवक उपस्थित हो पाएंगे और कितनी चर्चा कर पाएंगे,यह भी उल्लेखनीय रहेंगा। इस मुलाकात के सकारात्मक परिणाम के बाद विपक्ष अर्थात कांग्रेस के नगरसेवक भी विपक्ष नेता के नेतृत्व में मुलाकात हेतु प्रयास करेंगा। वैसे विपक्ष के कुछ नगरसेवक कुछ मुद्दों को लेकर आयुक्त से मुलाकात कर चुके हैं।