Published On : Wed, Sep 26th, 2018

मनपा शिक्षकों का मुंडन कार्यक्रम रद्द

नागपुर: नागपुर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के कर्मियों की अनेकों समस्याएं वर्षों से प्रलंबित हैं. इन समस्याओं को हल करने के लिए मनपा कर्मचारी-शिक्षकों की समन्वय समिति की ओर से कई आंदोलन किए गए. लेकिन प्रशासन और सत्तापक्ष के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. जब अंतिम चरण में मुंडन आंदोलन की घोषणा की गई तो सत्तापक्ष हरकत में आया. उक्त विचार एक विज्ञप्ति के माध्यम से समन्वय समिति के नेतृत्वकर्ता राजेश गवरे ने जाहिर किए.

गवरे के अनुसार पिछले वर्ष १९ दिसम्बर को शीतकालीन अधिवेशन के दौरान विधानभवन पर मोर्चा ले जाया गया था. इस वर्ष शिक्षक दिवस ५ सितम्बर को मनपा के प्रशासकीय कार्यक्रम का सामूहिक रूप से बहिष्कार किया गया. जिसका परिणाम यह हुआ कि महापौर ने अगले वर्ष से प्रशासकीय कार्यक्रम का आयोजन करने पर पाबन्दी ला दी. इसके बाद २६ सितम्बर को संविधान चौक पर दोपहर डेढ़ बजे से लेकर ५ बजे तक शिक्षक कर्मियों द्वारा मुंडन आंदोलन घोषित किया गया. जिसमें महिला कर्मियों का उत्साह उल्लेखनीय है. लगभग २०० शिक्षक कर्मियों ने मुंडन करवाने हेतु इच्छा प्रकट की थी.

इस आंदोलन की घोषणा को दक्षिण के विधायक सुधाकर कोहले और दक्षिण-पश्चिम के रमेश भंडारी ने गंभीरता से लिया. उन्होंने इसकी सूचना मुख्यमंत्री को दी. जिस पर मुख्यमंत्री ने उक्त मामले पर दखल लेते हुए २४ सितम्बर को सह्याद्रि में समन्वय समिति के प्रतिनिधि से मुलाकात कर चर्चा की. जल्द ही इस सन्दर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर मसले को सुलझाने का ठोस आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया.


मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद मनपा शिक्षक संघ ने मुंडन आंदोलन रद्द करने की घोषणा की. गवरे ने यह भी चेतावनी दी कि अगले १५ दिनों में शिक्षक कर्मियों की समस्या का समाधानकारक निपटारा नहीं किया गया तो वे फिर से मुंडन आंदोलन कर सकते हैं.