Published On : Mon, Nov 13th, 2017

लैब टेस्टिंग को लेकर एसएनडीएल और एमएसईडीसीएल की अलग-अलग राय

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SNDL nagpur
नागपुर: नागपुर की बिजली वितरण फ्रेंचाइजी एसएनडीएल और एमएसईडीसीएल (महावितरण ) अपने ग्राहकों को आरटीआई के तहत अलग अलग जानकारी दे रही है. मानेवाड़ा- बेसा रोड के अभिजीत नगर में रहनेवाले ग्राहक प्रभाकर नवखरे ने एसएनडीएल और एमएसईडीसीएल से जानकारी मांगी थी कि ग्राहकों के घरों में लगे सिंगल फेज मीटर आपके टेस्टिंग लैब में टेस्टिंग करते हुए विद्युत अधिनियम के अनुसार कितने प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं और इस प्रक्रिया में कितना समय लगता है.

जिसमें एसएनडीएल की ओर से जानकारी दी गई है कि विघुत ऐक्ट में टेस्ट करने की सूचना नहीं दी गई है. जबकि कि एमएसईडीसीएल ने इस बारे में कुछ और ही जानकारी दी है. एमएसईडीसीएल ने आरटीआई के तहत जानकारी देते हुए बताया कि विघुत एक्ट के अनुसार विघुत टेस्टिंग लैब में 2 प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं. एक्यूरेसी टेस्ट और डायल टेस्ट इस प्रक्रिया में दो घंटे का समय लगता है और मीटर के रेटिंग के अनुसार समय निश्चित किया जाता है. नवखरे का कहना है एसएनडीएल की ओर से आरटीआई के तहत जानकारी दी गई है कि विघुत ऐक्ट में टेस्ट करने की सूचना नहीं दी गई है. फिर वे अपनी लैब में मीटर किस आधार पर टेस्ट कर रहे हैं.

तो वहीं नवखरे ने यह भी कहा कि पहले 230 वॉल्ट के मीटर होते थे. जिसके कारण ज्यादा बिजली का प्रवाह बढ़ने पर मीटर के फ्यूज जल जाते थे. लेकिन आरटीआई के तहत एमएसईडीसीएल ने बताया है कि 440 वॉल्ट की बिजली पहुंचने पर फ्यूज जलेगा या फिर बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी. इस बारे में नवखरे का कहना है कि 440 वॉल्ट के मीटर होने की वजह से ग्राहकों के घरों के उपकरण जलते हैं. 440 वॉल्ट के मीटर लगाने की वजह से भी नागरिकों को ज्यादा बिल आ रहा है.मीटर टेस्टिंग लैब के बारे में जानकारी देते हुए एसएनडीएल के पीआरओ दिपांशुं खिरवटकर ने बताया कि तुलसीबाग में एनएनडीएल की टेस्टिंग लैब में स्टैण्डर्ड मीटर के सामने उससे मिलाकर ग्राहकों के मीटर चेक किए जाते हैं.

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