
नागपुर : वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा के प्रचार प्रसार और आदान प्रदान के धेय्य के साथ राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय और इंग्लैंड की पोर्टस्मथ विश्वविद्यालय के बीच सामंजस्य करार हुआ है। शुक्रवार को आरटीएम नागपुर विश्वविद्यालय में कुलगुरु डॉ सिद्धार्थविनायक काणे और पोर्टस्मथ विश्वविद्यालय के प्र कुलगुरु प्रोफ़ेसर पॉल अहलूवालिया के बीच करार किया गया। इस करार का मकसद वैश्विक स्तर की शिक्षा पद्धति की तकनीक और रिसर्च के आदान प्रदान के लिए किया गया है। दोनों विश्वविद्यालय आपस में तकनीक और रिसर्च का इस्तेमाल कर सकेंगे।
विद्यार्थी और शिक्षक अपने अपने स्तर पर वैश्विक स्तर की चीज़ो की जानकारी भी हासिल कर पाएंगे। करार के अनुसार दोनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और अध्यापक अपनी रिसर्च और पद्धति को आपस में साझा करेगे। इस करार पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए कुलगुरु डॉ सिद्धार्थविनायक काणे ने कहाँ की इसका फायदा सीधे तौर पर विद्यार्थियों को फायदा होगा। हम दुनिया की शिक्षा और रिसर्च को जान सकेंगे। पोर्टस्मथ विश्वविद्यालय के प्र कुलगुरु प्रोफ़ेसर पॉल अहलूवालिया के मुताबिक वो अपने स्तर पर यहाँ के विद्यार्थियों और अध्यापको की पूरी मदत करेगे कुछ हम यहाँ से सीखेगे कुछ सिखाएंगे। पॉल का एकेडमिक टट्रेनिंग ऑफ़ वर्ल्ड यूनिवरसिटीज़ पर वृहद अध्ययन है।
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