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    Published On : Sat, Feb 15th, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    मातृ पितृ पूजन दिन: जब स्कूली बच्चे और माता पिता भावुक होकर रोने लगे।

    वेलेंटाइन डे नही मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया।

    नागपुर, आज 14 फरवरी को एक तरफ पाश्चत्य जगत की नकल कर वेलेंटाइन डे मनाया जा रहा था।उसके विपरीत नागपुर में विश्व सिंधी सेवा संगम की महिला टीम ने जरिफटका में राजकुमार केवलरमानी हाई स्कूल में भारतीय संस्कृति की रक्षा हेतु ऋषि परंपरा के अनुसार स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ विधिवत माता पिता पूजन दिवस मनाया गया।।इस पूजन के दृश्य ने सबके ह्रदय को छू लिया।माता पिता बच्चों की आंखों से खुशी और मातृत्व के आंसू निकल गए।।उपस्तिथजन भी भावुक हो उठे।विदर्भ की विश्व सिंधी सेवा संगम की अध्यक्ष श्रीमती कंचन जग्यासी महासचिव रिया केवलरमानी और लता भागिया के अनुसार सर्वप्रथम अतिथियों ने माता सरस्वती और झूलेलाल के चित्र पर माल्यार्पण कर दिप प्रज्वलन किया।

    इस अनोखे आयोजन में प्रमुखता से वी एस एस एस के महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी , स्कूल के संचालक दादा विजय कुमार केवलरमानी, विजय विधानी और कैलाश केवलरमानी उपस्तिथ थे।।भाई रामसुखदास ने विधिवत बच्चों से पूजन करवाया बच्चों ने अपने माता पिता को टीका लगा कर पुष्प माला पहिनायी, सात बार परिक्रमा कर उनसे आश्रीवाद लेकर उनका मुंह मीठा कर संकल्प लिया कि जिंदगी भर उनकी सेवा करते रहेंगे उन्हें कभी दुख नही देंगे उसके बाद अपने माता पिता की आरती कर उन्हें गले लगाया।।माता पिता खुशी के मारे भावविभोर हो गए।

    बच्चों द्वारा ऐसे पूजन से प्रफुल्लित होकर उन्हें गले लगाकर मातृत्व सुख देने लगे।।महिला टीम जिसमे सर्वश्रीमती अध्यक्ष कंचन जग्यासी, उपाध्यक्षा नीलम आहूजा , कल्चलर प्रमुख मोनिका मेठवानी,सहसचिव मंजूषा असरानी ,मीता जग्यासी सचिव कोमल जग्यासी ,कार्यकारी सदस्य करिश्मा मोटवानी ने सभी अभिभावकों को रूमाल में श्रीफल देकर इस पावन आयोजन का शगुन दिया ।। इस अवसर पर प्रताप मोटवानी ने कहा कि माता पिता हमारे भगवान है।आज उनका पूजन कर हम अपने ईश्वर की आराधना कर उनकी खुशी अच्छा स्वास्थ्य,समृद्वि की कामना कर उनका मातृत्व पाकर भाग्यशाली समझते है।मातृ पितृ पूजन दिवस भारतीय संस्कृति के मूल्यों की रक्षा करता है।। गणेशजी ने शिव पार्वती की सात प्रदक्षिणा कर जो पूण्य कमाया और तब से गणेशजी प्रथम पूज्य हो गए आज वही पूण्य हमे अपने माता पिता की प्रदक्षिणा से मिलता है।आज पाश्चत्य की नकल करने वाले और हमारे बच्चों को बुरे संस्कार देने वाले वेलेंटाइन दिन का सख्त विरोध कर परित्याग करना चाहिए।।दादा विजयकुमार केवलरमानी ने कहा कि आज बच्चों और अभिभावकों द्वारा मनाया गया यह पर्व बेहद ही आनंदमयी है।अब से हर साल अपने स्कूल में 14 फरवरी को भव्यता से इसे मनाएंगे।

    उन्होने सभी अपने छात्रों को स्कूल आने के पूर्व अपने माता पिता का आश्रीवाद लेकर आने को कहा।उनके आश्रीवाद से ही बच्चे अपना भविष्य उजवलमय बना सकते है।।।विजय विधानी और कैलाश केवलरमानी ने भी कहा कि आज हम इस पावन पर्व पर बेहद भावुक हो गए।।ऐसा पहिली बार भारतीय संस्कृति से बच्चों और अभिभावकों के पूजन का पर्व पहिली बार देखने का अवसर मिला है।महिला टीम अध्यक्ष कंचन जग्यासी ने कहा उनकी टीम सदैव ऐसे आयोजन करेगी जिससे बच्चों में अच्छे संस्कार आये।।अंत मे आभार उपाध्यक्ष और स्कूल की प्राचार्या नीलम आहूजा ने किया।।रिचा केवलरमानी ,लता भागिया, ने सभी का अभिनंदन किया।। मंजूषा असरानी ने बच्चों का मार्गदर्शन किया। श्रीमती जया, मीना चेलानी अन्य बहिने और भारी संख्या में स्कूली बच्चे, अभिभावक और टीचर उपस्तिथ थे।

    चित्र मे ,राजकुमार केवलरमानी हाई स्कूल के बच्चे अपने माता पिता का पूजन करते हुए और अतिथिगण

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