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    Published On : Tue, Jul 3rd, 2018

    वर्षाकालीन अधिवेशन के दौरान कुल 8 विधेयक रखे जाएंगे

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    नागपुर: पराजधानी में चौथी बार होने वाले वर्षाकालीन अधिवेशन के दौरान कुल 8 विधेयक और 12 अध्यादेश रखे जाने की जानकारी मिली है. 3 जुलाई को सुबह से ही सत्तापक्ष व विपक्ष के नेताओं का आगमन शुरू हो जाएगा. सत्र के लिए अब तक कुल सदस्यों द्वारा 2708 ध्यानाकर्षण आनलाइन सिस्टम से सादर किया गया है, जिसमें विधानसभा के लिए 2971 और विधान परिषद के लिए 637 का समावेश है. सरकार का लक्ष्य सत्र के पहले ही सप्ताह कम से कम 3 विधेयक पास करवाने का बताया जाता है लेकिन विपक्ष सरकार को विविध मुद्दों पर घेरने की भरपूर तैयारी में है जिसके चलते पहले सप्ताह कुछ कामकाज हो पाएगा इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है.

    कांग्रेस-राकां के साथ ही सरकार में शामिल शिवसेना भी पूरी तरह से विपक्ष की ही भूमिका निभाने वाली है. शिवसेना द्वारा नाणार रिफाइनरी के मुद्दे पर हंगामा करने की पूरी संभावना है जबकि मुख्यमंत्री किसी भी हालत में इस रिफाइनरी को स्थापित करने के पक्ष में नजर आ रहे हैं. सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ताधारी दोनों दलों में टकराव की स्थिति काफी समय से चल रही है जो नागपुर के सत्र में और भी गहरी होने की संभावना है.

    विरोधी गट नेताओं की बैठक
    राकां व कांग्रेस गट नेताओं की बैठक 3 जुलाई को सुबह 11 बजे रविभवन के काटेज नंबर 23 में रखी गई है. जानकारी के अनुसार पहले राकां व कांग्रेस की अपने पार्टी सदस्यों के साथ अलग-अलग बैठकें होंगी जिसमें सरकार को घेरने के मुद्दों की रणनीति तैयार की जाएगी. उसके बाद दोनों पार्टी के गट नेताओं व प्रमुख सदस्यों की संयुक्त बैठक भी होने की जानकारी है जिसमें सत्र के दौरान किन मुद्दों पर सरकार को किस तरह से घेरना है, इसकी रणनीति तैयार की जाएगी. दोपहर 3 बजे विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के काटेज में विपक्ष पत्रकारों से भी चर्चा करेगा. हमेशा की तरह इस बार भी विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री की चाय-पान का बहिष्कार किया जाना तय माना जा रहा है.

    किसानों के मुद्दे पर आक्रामक
    विपक्ष राज्यभर में किसानों की कर्जमाफी, खरीफ फसल कर्ज के मुद्दे पर काफी आक्रामक रहने वाला है. एक राकां नेता ने बताया कि अनेक ऐसे किसान हैं जिन्हें कर्जमाफी के 1-2 हजार रुपयों के चेक दिये गये हैं जो उनके साथ मजाक है. राज्यभर में खरीफ फसल कर्ज देने से राष्ट्रीयकृत बैंक टालमटोल कर रहे हैं और मात्र 20-25 फीसदी किसानों को ही कर्ज दिये जाने का आंकड़ा अब तक सामने आया है. राकां द्वारा विदर्भ के मुद्दों को उठाने में इस बार अधिक जोर दिये जाने की रणनीति तैयार की गई है, जिसमें 4 वर्षों में यहां के सिंचाई प्रकल्पों के जीरो कार्य से लेकर तो युवाओं को रोजगार के मुद्दों का भी समावेश होगा.

    शाम को सीएम की चाय पार्टी
    दोपहर को जहां विपक्ष अपनी रणनीति तय करेगा वहीं सत्तापक्ष की ओर से भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति के लिए बैठक होगी. मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा रामगिरी में सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्ष के लिए चायपान का आयोजन किया जाएगा. इसी के साथ सीएम मीडिया से भी बात करेंगे.

    ये विधेयक रखे जाएंगे
    सत्र में जो 8 विधेयक रखने की तैयारी सरकार द्वारा की गई है उसमें हैदराबाद अतियात चौकशी अधिनियम-1952 में संशोधन, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जमाति, विमुक्त जाति, भटक्या जमाति, अन्य मागासवर्गीय व विशेष मागासवर्ग (जाति प्रमाणपत्र देने व जांच विनियमन) संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र महामार्ग (संशोधन) विधेयक, महाराष्ट्र कृषि उत्पन्न पणन (विकास व विनियमन) संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र सहकारी संस्था संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र सहकारी संस्था द्वितीय संशोधन विधेयक व महाराष्ट्र जमीन महसूल संहिता संशोधन और महाराष्ट्र जमीन महसूल (विवक्षित भूमिधारींचा भोगवटदार-वर्ग 1 मध्ये अंतर्भाव करने के लिए अनुमति देने हेतु) नियम (निरसन) विधेयक का समावेश है. इसके अलावा 12 अध्यादेश भी रखे जाने की तैयारी है.

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