Published On : Tue, Nov 15th, 2016

अस्पताल के बहार शुरू मोबाइल बैंक से मरीजो को मिली राहत

Representational Pic

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नागपुर :
 नोटों पर पाबंदी की मार सबसे ज्यादा मेडिकल क्षेत्र पर पड़ी है। दूरदराज से इलाज के लिए आने वाले लोग आम तौर पर अपने साथ 500 और हजार की नोट लेकर ही अस्पतालों में पहुँचते है लेकिन बड़े नोटों पर सर्जिकल अटैक के बाद मेडिकल हब बन चुके नागपुर में निजी अस्पतालों में इलाज करने आने वाले मरीजो और उनके परिजनों को खाँसी दिक्कत आ रही है। मरीजो की इसी दिक्कत को दूर करने की पहल करते हुए पंजाब नेशनल बैंक ने मोबाइल बैंक की शुरुवात की है।

शहर के शंकर नगर इलाके में स्थित वोकहार्ड अस्पताल के बाहर शुरू इस मोबाइल एटीएम के माध्यम में रिजर्व बैंक के निर्णय के अनुसार लोगो को 4500 रूपए की 1000 और 500 की पुरानी नोट को बदलकर 2000 नई और 100 रूपए की नोट दी जा रही है। इस मोबाइल बैंक के माध्यम से तुरंत कैश बदलने की व्यवस्था है। इस बैंक के माध्यम से अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजनों के ही साथ आदमी को भी पैसे बदलकर दिए जा रहे है। वैन में मौजूद बैंक के कर्मचारी बैंक में अपनये जान वाले तरीको का पालन कर लोगो की मदत कर रहे है। बैंक अधिकारियो के अनुसार अस्पताल पहुँचने वाले लोगो को सुविधा दिलाने के लिए उन्होंने यह व्यवस्था शुरू की है जो तब तक जारी रहेगी जब तक कैश की समस्या दूर नहीं हो जाती।

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अस्पताल के बहार मोबाइल बैंक की इस व्यवस्था का स्वागत कर अस्पताल पहुँचने वाले लोगो ने स्वागत किया है पर इस बात को लेकर गुस्सा भी है की जितने पैसे की उन्हें आवश्यकता है उतने उपलब्ध हो नहीं पा रहे है। अस्पताल उनके पास मौजूद पुरानी नोटों को स्वीकार भी नहीं कर रहे है। सरकार ने भले ही निजी अस्पतालों को चेक लेने का आदेश दिया हो पर शहर के अस्पतालों में बड़ी मात्रा में मरीज बहार के राज्यो से इलाज के लिए आते है जिनके लिए चेक के बिल का भुगतान करना मुश्किल भरा है। फिर भी अपने गुस्से के बीच अस्पताल में मोबाइल बैंक लगाए जाने के इस फैसले को सराहा जा रहा है।

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