Published On : Mon, Nov 17th, 2014

बल्लारपुर : गुमशुदा लडका मिला छह महिने बाद


बल्लारपुर (चंद्रपुर)।
स्थानिय महाराणा प्रताप वार्ड मे रहने वाले एक 12 वर्षीय बालक की उसके ही पिता द्वारा दी गई अपहरण की झुठी शिकायत सामने आई है. पुरे छह महिने बाद ये मामला तब सामने आया जब उस बच्चे के उसके बडे पिताजी के घर मे होने की जानकारी पता चली. पुरे छह महिने तक बच्चे के पिता द्वारा पुलिस प्रशासन को गुमराह करने की खलबली जनक घटना सामने आई है.

महाराणा प्रताप वार्ड मे रहने वाला और झुठी शिकायत करनेवाला सुरेंदरसिह बाबुराव मंचल का बेटा जसविंदरसिहं अपने पिता के घर पर ना रहते हुये अपने बडें पिताजी राजकुमार मंचल रहवासी हरिपुर जि. साहरण( उ.प्र) के पास रहता था. घटना के कुछ दिन पहले ही पिता सुरेंद्रसिहं मंचल के पास आया था. इस बीच 28 मई को पानी भरने को लेकर पडोस में रहने वाली दो लडकींयो से जसविदरंसिह की कुछ कहासुनी हो गई. कहासुनी झगडे मे तबदील हो गई इसके चलते पिता सुरेद्रसिहं मंचल ने बेटे जसविदरसिहं से गाली गलौच किया और इस घटना से घबराया हुया जसविदंरसिंह अपने पिता को ना बताते हुये अपने बडे पिताजी के पास मु.पो.हिरापुर जि. साहरण( उ.प्र) चला गया. लेकिन बच्चे को रेल्वे पुलीस ने उमरादनगर के पास टिकट ना होने के वजह से पकड लिया और रिमांड होम मे डाल दिया. और बच्चे ने पुलीस को अपने बडे पिताजी वेâ घर का पता बताया और रेल्वे पुलीस ने उसके बडे पिताजी को बुलाकर उस बच्चे को उनके हवाले कर दिया. इस बात की जानकारी उसके पिता को भी दि गई. पर उसके पिताने उसके बगल मे रहने वाली उन दोनो लडकीयों से बदला लेने के विचार से बल्लारपुर पुलीस मे इन लडकीयों ने ही अपने बेटे का अपहरण किया है एैसी झुठी तक्रार दाखिल की और पुलीस प्रशासन को विविध प्रकार से गुमराह करने लगा.

उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस निरिकक्ष नरुमणी टांडी ने इस बच्चे के ढुंढने के लिये एक टिम बुलाई गई और इस टिम को उ.प्र जहां उस लडके के बडे पिताजी रहा करते थे वहां भेजा वहां पहुचंकर पुलीस के होश उड गये पुलीस की टिम ने देखा की जिस बच्चे के अपहरण की तक्रार दि गई है वो बच्चा अपने बडे पिताजी के घर पर सकुशल रह रहा था. तब पुलीस ने 7 नवंबर को  उस बच्चे को लेकर बल्लारपुर आयी. और बच्चे के अपहरण का नाटक जो पिछले छह महिने से बच्चे के पिता ने रचा था उस नाटक का समापन हुआ. पुलीस ने अपना पुलीस का डडां दिखाते हि सुरेद्रसिंह तोते की तरह बोलने लगा.

पुलीस को दि जानकारी के अनुसार सुरेद्रसिंह मंचल इसका और पडोस मे रहने वाली उन दो लडकीयों के साथ हमेशा किसी न किसी बात को लेकर झगडा होते रहता था. जब पानी को लेकर झगडा हुया और  लडका घर से चला गया तो सुरेद्रसिंह ने एक योजना बनाकर उन दोनो लडकीयों ने हि मेरे बेटे का अपहरण किया है ऐसी पुलीस मे शिकायत दे दि तथा पुलीस को गुमराह करने लगा. इस पुरे मामले को सामने लाने मे पुलिस दल के विजय मुसे और राजु राजुरकर ने अहम भुमिका निभाई. झुटी तक्रार देने के आरोप मे पिता सुरेद्रसिंह के खिलाफ गुनाह दाखल कर के आगे कि कार्रवाई पुलीस कर रही है. इस घटना के सामने आने के बाद बल्लारपुर मे चर्चाओं का बाजार गर्म है.

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