
गोंदिया | गोंदिया शहर की जड़ों को नशे का दीमक खोखला कर रहा है। शहर के शास्त्री वार्ड, संजयनगर इलाके में पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने नशे से जुड़े ड्रग पेडलर के बीच हड़कंप मचा दिया है।
जिस उम्र में युवा अपना करियर बनाते हैं, उस 21 साल की उम्र में असलान उर्फ बाबू इकबाल खान युवाओं की रगों में ‘मटमैला’ ज़हर (MD Powder) घोलने का सौदागर बन बैठा था।
पुलिस ने मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के बाद 2 मई को शास्त्री वार्ड, संजय नगर के गोविंदपुर स्तिथ घर पर दबिश देते हुए 2 सरकारी पंच , फोटोग्राफर की मौजूदगी में बिक्री के उद्देश्य से रखा ( मेथाडोन ) क्रिस्टल पाउडर तलाशी के दौरान बरामद किया।
लोहे की पेटी में कैद था ‘मौत’ का सामान
गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस निरीक्षक किशोर पर्वते की टीम ने शास्त्री वार्ड स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा, तो दृश्य चौंकाने वाला था। बेडरूम के कोने में रखी एक साधारण सी दिखने वाली लोहे की पेटी के भीतर, गुलाबी कपड़े की थैली में छिपाकर रखा गया था 19.7 ग्राम मेथाडोन (MD) क्रिस्टल पाउडर बरामद किया गया।
बरामद एमडी ड्रग्स का बाजार मूल्य 22000 रुपए प्रति ग्राम आंका गया है, इस तरह ( ड्रग्स + मोबाइल ) कुल कीमत 4,43,400 माल की बारामदगी की गई।
MD ड्रग्स: युवा पीढ़ी के लिए ‘स्लो पॉइजन’
एमडी (MD) जिसे ‘म्याऊं-म्याऊं’ या ‘क्रिस्टल’ भी कहा जाता है, आज की युवा पीढ़ी को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। यह नशा न केवल इंसान को मानसिक रूप से खोखला करता है, बल्कि एक बार इसकी लत लग जाने पर इससे बाहर निकलना लगभग असंभव होता है , बहरहाल गोंदिया पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर के कई घरों को तबाह होने से बचा लिया है।
कानून का शिकंजा: टीम ‘सिंघम’ की बड़ी जीत
पुलिस की इस स्ट्राइक ने नशे के सौदागरों की कमर तोड़ दी है। ता दें कि पिछले एक 4 दिनों के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग इलाकों में छापामार कार्रवाई करते हुए , बड़े पैमाने पर गांजे की खेप भी बरामद की है।
फिलहाल इस एमडी ड्रग्स के मामले को लेकर अपराध क्रमांक 360/2026 के तहत NDPS एक्ट की धारा 8(क) और 22(ब) के तहत बाबू के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी साहिल झरकर के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक किशोर पर्वते , API वैभव गोडाम , डीबी स्कॉट के उप निरीक्षक अनिल डोंगरवार सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
रवि आर्य









