Published On : Wed, Sep 27th, 2017

लोकनिधि से ही बन सकता है नागपुर युनिवर्सिटी में फुले का स्मारक

Nagpur University
नागपुर:
नागपुर यूनिवर्सिटी में पढ़नेवाले विद्यार्थी कई वर्षों से मांग कर रहे हैं कि कैंपस परिसर में महात्मा ज्योतिबा फुले का स्मारक बनाया जाए. इसको लेकर कुछ दिन पहले विद्यार्थियों ने कुलगुरु डॉ. सिध्दार्थविनायक काणे को निवेदन भी दिया था. महात्मा ज्योतिबा फुले के स्मारक की मांग प्रमुखता से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर विद्यार्थी संगठन की ओर से की जा रही है. इस मांग से जुड़े विद्यार्थियों का कहना है कि जिस नाम से यूनिवर्सिटी का नाम होता है. उसी महापुरुष का स्मारक विश्वविद्यालय में होना चाहिए. इस बारे संगठन के विद्यार्थियों ने कहा कि इस कैंपस परिसर को महात्मा ज्योतिबा फुले शैक्षणिक परिसर नाम देने के लिए भी उन्होंने लड़ाई लड़ी थी. यह विद्यार्थी कई वर्षों से इस परिसर में फुले के स्मारक की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस बारे में नागपुर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कोई भी स्मारक विश्वविद्यालय नहीं बनाता है. बल्कि लोकनिधि द्वारा स्मारक बनाए जाते हैं.

पिछले दिनों विद्यार्थियों को कुलगुरु ने स्मारक के मुद्दे पर सलाह दी थी कि संगठन के माध्यम से निधि जमा करे और उसके बाद हम स्मारक बनाने के बारे में निर्णय लेंगे. इस सलाह को लेकर कई विद्यार्थी नाराज भी हुए थे. लेकिन अब नागपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह साफ़ कर दिया है कि लोकनिधि के द्वारा और संघटन के द्वारा ही यह कार्य किया जा सकता है.

स्मारक बनाने को लेकर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव पूरनचंद्र मेश्राम ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में बनाए गए स्मारक के लिए निधि कभी भी विश्वविद्यालय मुहैय्या नहीं करवाता है. इसके लिए लोकनिधि और सामाजिक संगठनों द्वारा स्मारक बनाया जाता है. अगर भविष्य में कोई सामाजिक संगठन या फिर लोकनिधि उपलब्ध हुई तो परिसर में महात्मा ज्योतिबा फुले का समारक बन सकता है. इसके लिए सामाजिक संगठनों को पहल करनी चाहिए.