Published On : Tue, Sep 8th, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

गोंदिया में 22 साल बाद महा- सर्वे : रडार पर अवैध निर्माण और टैक्स चोर!

अब नहीं छिपेगा नया कंस्ट्रक्शन , शुरू हुआ डिजिटल सर्वे , ग्राउंड पर उतरी सर्वेक्षण टीम
Advertisement

गोंदिया में 22 साल बाद महा- सर्वे : रडार पर अवैध निर्माण और टैक्स चोर!

गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र में पिछले 22 वर्षों से अटके पड़े संपत्ति मूल्यांकन (प्रॉपर्टी असेसमेंट) पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ा हंटर चला दिया है। शहर में पारदर्शी टैक्स प्रणाली लागू करने और अवैध-अतिरिक्त निर्माणों की पोल खोलने के लिए मंगलवार को बड़े स्तर पर असेसमेंट सर्वे का आगाज कर दिया गया।
8 सितंबर को अभियान की औपचारिक शुरुआत प्रभाग क्रमांक 1, डॉ. लोहिया वार्ड स्थित प्रसिद्ध गायत्री मंदिर परिसर तथा GDCC बैंक इमारत से की गई, जहां गायत्री मंदिर को बाकायदा अनुक्रमांक 1 देकर सर्वे डायरी में पहली प्रविष्टि दर्ज की गई।

गोंदिया में 22 साल बाद महा- सर्वे : रडार पर अवैध निर्माण और टैक्स चोर!
​2003 के बाद पहली बार ऐतिहासिक कदम

बता दें कि गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र में वर्ष 2003-04 के बाद से संपत्तियों का कोई अद्यतन (अपडेटेड) असेसमेंट नहीं हुआ था। इन दो दशकों में शहर का दायरा कई गुना बढ़ा, हजारों नए निर्माण हुए, रिहायशी संपत्तियां व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तब्दील हो गईं, लेकिन नगर परिषद के रिकॉर्ड में पुराना ढर्रा ही चल रहा था। इससे न केवल परिषद को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था, बल्कि टैक्स प्रणाली भी असंतुलित थी।

​टेंडर प्रक्रिया पूरी, कोलब्रो ग्रुप को मिला जिम्मा

Advertisement

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की आम सभा (जनरल बॉडी) ने सर्वसम्मति से नए असेसमेंट का प्रस्ताव पारित किया था। पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के बाद इसका जिम्मा ‘कोलब्रो ग्रुप’ को सौंपा गया है। शुभारंभ के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष सचिन शेंडे , मुख्याधिकारी संदीप बोरकर , पार्षद शिशिर बिसेन, पार्षदा सीमा धर्मेश अग्रवाल तथा संपत्ति कर विभाग के आला अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

गोंदिया में 22 साल बाद महा- सर्वे : रडार पर अवैध निर्माण और टैक्स चोर!
​कैमरे की नजर में हर ईंट: नए निर्माण , बढ़ाए गए फ्लोर की खुलेगी पोल

इस महा-सर्वे के तहत टीम शहर की हर संपत्ति की जमीनी स्तर पर जांच करेगी।
​प्रत्यक्ष भौतिक जांच के साथ सर्वेक्षक) मौके पर जाकर निर्माण का सही माप और उपयोग (कमर्शियल/रेजिडेन्शियल) जांचेंगे।
डिजिटल फोटो रिकॉर्ड बनाया जा रहा है, हर प्रॉपर्टी की मौके पर फोटो खींची जाएगी ताकि हेराफेरी की कोई गुंजाइश न रहे।
नए निर्माण, बढ़ाए गए फ्लोर और अब तक टैक्स दायरे से बाहर छूटी संपत्तियों को सीधे नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज कर नया टैक्स निर्धारण किया जाएगा इतना ही नहीं नई संपत्तियां भी टैक्स नेट के दायरे में आएंगी।
कुल मिलाकर नगर परिषद के राजस्व में बढ़ोतरी होना लगभग निश्चित है।

रवि आर्य

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.