Published On : Sat, Jun 9th, 2018

नागपुर ( माझी ) मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण का डीपीआर फ़ाइनल

नागपुर: नागपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा माझी ( नागपुर ) मेट्रो के दूसरे चरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। मेट्रो द्वारा डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को RITES यानि रेल इंडिया टेक्नीकल एंड इकोनॉमिक्स सर्विस के पास जमा कराया जा चुका है। पहले ही तेज गति से शुरू परियोजना के पहले चरण के काम के साथ ही दूसरे चरण के जुड़ जाने की वजह से अब मेट्रो की पहुँच सिर्फ शहर तक सीमित न होकर इसका विस्तार जिले के ग्रामीण भाग में भी हो जायेगा। वर्तमान में शुरू काम से मेट्रो शहर के तीन कोनों को जोड़ रही है पहला चरण 41.7 किलोमीटर लंबा है जिसमे 40 स्टेशन है जबकि दूसरा चरण 48.3 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 35 स्टेशन होंगे। RITES की निगरानी और तकनिकी परामर्श के तैयार दूसरे चरण की अनुमानित लागत लगभग 10500 करोड़ की होगी और मंजूरी मिलने के बाद काम को चार वर्ष में पूरा किया जायेगा। जल्द ही डीपीआर रिपोर्ट को मंजूरी के लिए केंद्र और राज्य सरकार के पास भेजा जायेगा।

वर्त्तमान में एनएमआरसीएल द्वारा शहर में तेज़ी से फैलाए जा रहे मेट्रो परियोजना के जाल को जिले के ग्रामीण भाग के कई हिस्सों तक पहुँचाने का काम जल्द शुरू होता है तो इसका फ़ायदा शहर के साथ ग्रामीण भाग के लोगों को भी होगा। डीपीआर की मंजूरी के बाद माझी मेट्रो का दायरा 90 किलोमीटर के आसपास हो जायेगा।

दूसरे चरण के तहत पांच रूट सुनिश्चित किये गए है। वर्त्तमान में जहाँ तक मेट्रो की पहुँच होगी इसका दायरा आगे बढ़ाया जायेगा। साथ ही कई अन्य इलाकों से भी मेट्रो को जोड़ा जायेगा।

-पहला रूट 13 किलोमीटर लंबा होगा और 12 स्टेशन होंगे। इसमें ऑटोमोटिव चौक,ख़सारा,लेखा नगर,कामठी और ड्रैगन पैलेस में प्रमुख स्टेशनों का निर्माण होगा।

-दूसरा रूट 18.5 किलोमीटर तक फैला होगा। इस मार्ग पर मेट्रो प्रमुख औद्योगिक इलाकों को कनेक्ट करेगी। यह रूट मेट्रो के लिए व्यावसायिक दृष्टि से भी अहम है इसमें जामठा,डोंगरगांव,मोहगांव,बुटीबोरी,इंडोरामा कॉलोनी के अलावा कुल 10 स्टेशन होंगे।

-तीसरा रूट प्रजापति नगर से परिवहन नगर के बीच 5.6 किलोमीटर का सुनिश्चित किया गया है। इसमें अम्बे नगर,कापसी,परिवहन नगर में मेट्रो की पहुँच पहुँचेगी। इसमें तीन ही स्टेशन होंगे।

-चौथा रूट ये भी न केवल मेट्रो की कमाई बल्कि ऐसे नागरिकों के लिए जो शहर से बहार फैक्ट्रियों में काम करने या फिर वो छात्र जिन्हे अपने कॉलेज आना जाना करते हो उनके लिए महत्त्वपूर्ण है क्यूँकि हिंगना में न केलव फैक्ट्रियां है बल्कि कई कॉलेज भी। 6.7 किलोमीटर लंबा यह रूट हिंगणा गाँव तक जायेगा। जिसमे एमआईडीसी,नीलडोह,गजानन नगर,लक्ष्मी नगर,रायपुर और हिंगणा जैसे इलाको को मेट्रो कव्हर करेगी। इस रूट पर कुल 7 स्टेशन होंगे।

-पाँचवा रूट जो वासुदेव नगर से दत्तावाडी के बीच 4.5 किलोमीटर का होगा उसमे तीन स्टेशन होंगे। अमरावती रोड पर मेट्रो की पहुँच एमआईडीसी,ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और वाड़ी तक होगी। इस इलाके की पहचान व्यावसायिक केंद्र के रूप में है। मेट्रो का यहाँ पहुँचना स्थानीय निवासियों के साथ अन्य लोगों को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था मुहैय्या कराने के उद्देश्य से अहम साबित होगा।