Published On : Wed, May 15th, 2019

मयुरेश जिवनविकास परिवार द्वारा संचालित स्वरमिलन कां जिन्दगी प्यार कां गीत कार्यक्रम संपन्न

गायक श्री जयप्रकाशजी मालविय़ा प्रस्तुत एवं श्री संजयजी पिल्ले तथा सौ. सुलभाताई मांडेकर द्वारा आयोजित श्री मयुरेश जिवनविकास परिवार द्वारा संचालित स्वरमिलन किं ओर सें जिंदगी प्यार कां गीत हैं क़े कार्यक्रम कां आयोजन हिंदी साहित्य संमेलन, सिताबर्डी, नागपुर, क़े उत्कर्ष सभागृह में हाल हीं में किया गया। 82 बार रक्तदान करनें कां विक्रम करनेंवाले महाराष्ट्र राज्य रक्त संक्रमण परिषद क़े सदस्य प्रा. डॉ. राजेशजी नाईक तथा सुविख्यात उदबोधक श्री महेशजी तिवारी प्रमुख अतिथी क़े रूप में उपस्थित ईस कार्यक्रम में कार्यक्रम क़े प्रमुख अतिथी प्रा. डॉ. राजेशजी नाईक, श्री महेशजी तिवारी, श्री जयप्रकाशजी मालविय़ा, श्री संजयजी पिल्ले इन्होंने ‘चुडी नहीं मेरा .. दिल हैं, थोडा हैं .. थोड़े कीं जरुरत हैं, तेरी बिंदिया रे .., प्यार दिवाना होता हैं .. मस्ताना होता हैं.., कोरा कागज था यह मन मेरा .. जैसे एक सें बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। श्री सुनिलजी वाधवानी, श्री मनोजजी कराडे, ए. एन. शर्मा, लाटेशभाई कुरानी, सौ. क्रांतीताई भगत, सौ. सुशिलाताई चव्हाण, सौ. जयाताई धाबेकर, सौ. मिराताई शर्मा, सौ. संगिताताई कामनवार, अथर्वा कराडे, माधुरीताई उघडे, कु. पुनमताई शर्मा, सौ. अंजलीताई वानखेडे, डॉ. रश्मीताई कोल्हे, इन्होंने भी विभिन्न गीत प्रस्तुत करक़े श्रोताओको मंत्रमुग्ध किया। श्री ओमप्रकाशजी साहू इन्होंने संचालन तथा श्री संजयजी पिल्ले इन्होंने कार्यक्रम कां आभार प्रदर्शन किया।