Published On : Sat, Jul 27th, 2019

भूजल स्तर को बढाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का महापौर नंदा जिचकार ने ‍किया आवाहन

नागपुर : उप राजधानी में बढ़ते जल संकट तथा घटते भूजल स्तर पर पर चर्चा करने के लिए आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती नंदा जिचकार ने व्यापक पैमाने पर भूजल स्तर को बढाने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि यदि हमने आज जल का महत्व नहीं समझा तो भविष्य में भारी जलसंकट से जूझना होगा। सभा में निर्णय लिया गयाकिखेल मैदान, बगीचे, सरकारी कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर भूजल स्तर को पुनर्जीवित करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा ।

नगर रचना विभाग की ओर से इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक बैठक का आयोजन महापौर श्रीमती नंदा जिचकार की अध्यक्षता में डा पंजाबराव देशमुख सभागृह में शुक्रवार को किया गया था। बैठक में आयुक्त रविंद्र ठाकरे, विरोधी पक्षनेता तानाजी वनवे, स्थापत्य व प्रकल्प समिती सभापती अभय गोटेकर, जलप्रदाय समिती सभापती विजय (पिंटु) झलके, माजी सभापती संजय बंगाले, मंगलवारी झोन सभापती गार्गी चोप्रा, गांधीबाग झोन सभापती वंदना यंगटवार, हनुमाननगर झोन सभापती माधुरी ठाकरे, धरमपेठ झोन सभापती अमर बागडे, धंतोली झोन सभापती लता काटगाये, आशीनगर झोन सभापती विरंका भिवगडे, लक्ष्मीनगर झोन सभापती प्रकाश भोयर, सतरंजीपूरा झोन सभापती अभिरुची राजगिरे, नगरसेवक मनोज सांगोळे, उपायुक्त राजेश मोहिते, अधीक्षक अभियंता मनोज तालेवार, सहा. संचालक नगर रचना प्रमोद गावंडे, सहा. आयुक्त राजू भिवगडे, सुभाष जयदेव, कार्यकारी अभियंता आर.जी. रहाटे, ना.सु.प्र के कार्यकारी अभियंता पी.पी. धनकर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

सभा में उपस्थित आर्किटेक्ट, जल संसाधन विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती नंदा जिचकार ने जल संरक्षण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग को गति देने तथा जनजागृति करने के लिए विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्देश दिया । सभी विशेषज्ञों के सुझावों को सुनने के बाद महापौर ने कहा कि जनता को जलसंकट पर जागृत करना जरूरी है। मनपा भी अपनी ओर से जलसंवर्धन की दिशा में कार्यरत है । उल्लेखनीय है कि महापौर श्रीमती नंदा जिचकार ने नगरसेवको से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं । इन कार्यों के लिए महापौर अपनी महापौर निधि देने वाली हैं।

स्थापत्य समिति के सभापति श्री अभय गोटेकर ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने पर संपत्ति कर में डेढ़ गुना वृद्धि का सुझाव दिया । उन्होंने कहा कि आर्किटेक्ट पर इस सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी डालनी चाहिए । यदि सिस्टम नही लगा तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने बरतन व कपड़े धोने के पानी का पुन: उपयोग करने की सलाह देते हुए कहा कि इस का उपयोग फ्लश में किया जा सकता है ।

जल प्रदाय समिति के सभापति श्री पिंटू झलके ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के नगर रचना विभाग के नियमों में संशोधन का सुझाव दिया । लक्ष्मी नगर जोन सभापति प्रकाश भोयर ने जनता को सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया ।

बैठक में रोहित देशपांडे ने पानी के बिल के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का नक्शा देने व सड़कों पर जमा होने वाले पानी को भी भूजल स्तर बढाने हेतु उपयोग करने की सलाह दी। स्मार्ट सिटी के अधिकारी डा देवेन्द्र महाजन ने विशेषज्ञों की मदद से विशेष डिजाइन बनाने का सुझाव दिया । लायन्स क्लब के विनोद वर्मा ने क्लब के माध्यम से भूजल स्तर बढाने के लिए की जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। श्रीमती लीना बुधे ने जनजागृति करने पर जोर दिया । कौस्तुभ चटर्जी ने बरतन धोने व कपड़े धोने के पानी का पुन उपयोग करने की सलाह दी। लंदन में शिक्षित अभिषेक शर्मा ने जापानी तकनीक की जानकारी दी। अन्य विशेषज्ञों ने सीवर लाईन व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को दूर दूर रखने की सलाह दी ताकि भूजल स्तर प्रदूषित नहीं हो।

बैठक में प्रभात धाडीवाल, मनोज लेंडे, मनोज संगवार, उज्वल धनविजय, श्रीकांत देशपांडे, श्रीकांत वाईकर, रविंद्र नागपूरे, प्रशांत सातपुते, सुरभी जैस्वाल, विजय बालकोटे व अन्य उपस्थित थे ।