Published On : Wed, May 23rd, 2018

‘मेयो’ के बर्न वार्ड में परिजन खोलते हैं मरीजों का ‘ड्रेसिंग’, डॉक्टर आते हैं तीन-चार दिन में एक दफा


नागपुर: इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं रुग्णालय (मेयो) के सर्जिकल वार्ड में चल रही मनमानी को इससे पूर्व नागपुर टुडेने उजागर किया था। यह सिलसिला अब भी जारी है।यहाँ स्थित बर्न वार्ड में बीते चार दिनों से डॉक्टर का अतापता नहीं होने की जानकारी मरीजों के परिजनों ने दी है।

सोमवार को नागपुर टुडे प्रतिनिधिने मेयो अस्पताल के बर्न वार्ड में शिरकत की। तब वहां भरती मरीजों के परिजनों ने बताया कि, वहां डॉक्टर्स रोजाना चेकउप के लिए नहीं आते। वार्ड में कार्यरत नर्सेस एवं स्टाफ केवल मरीजों को सलाइन और इंजेक्शन लगाते हैं। लेकिन मरीजों का ड्रेसिंग उन्हें ही खोलना पड़ता है। तो फिर नर्सेस और स्टाफ मुफ्त की तनखा लेते हैं क्या, ऐसा गुस्सा भी कई परिजनों ने जाहिर किया।

फ़िलहाल वार्ड में दो कूलर और एसी लगने के कारन मरीजों को तपती गरमी से राहत मिली है। लेकिन बर्न वार्ड में कुल 8 मरीज हैं जिनमे 2 पुरुष, 5 महिला और एक छोटी लड़की शामिल हैं।

मरीजों को रही परेशानियों के बारे में बर्न वार्ड के इंचार्ज डॉ. विशाल नंदगवली से संपर्क करने पर इन्होने ऐसा कुछ होने की बात को नकार दिया। वार्ड में कुल तीन डॉक्टरों की रोटेशन बेसिस पर ड्यूटी लगायी जाने की बात उन्होंने बताई। इसमें से एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर (Jr 1) छुट्टीपर है। तथा दूसरे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर (Jr 2) के पास दूसरे वार्ड का अतिरिक्त प्रभार होने से वो बर्न वार्ड के पेशंट्स पर पूरा ध्यान नही दे प् रहे ऐसा खुलासा डॉ. नंदगवली ने किया। किन्तु सोमवार से फुलटाइम जूनियर रेजिडेंट डॉ. गोरीले को नियुक्त किये जाने अब मरीजों को कोई तकलीफ नहीं होगी ऐसा आश्वासन उन्होंने दिया।

बर्न वार्ड में डॉ. नंदगवली के अलावा कनिष्ठ निवासी डॉ. रोहित कुमार एवं व्याख्याता (lecturer) डॉ. पी. नवलकर कार्यरत हैं।

एक ओर चिलचिलाती धूप में बर्न वार्ड के डॉक्टर्स एवं कर्मि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दूसरी ओर इलाज की मज़बूरी के चलते मरीज और उनके परिजन कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। अब अस्पताल अपनी गहरी नींद से जागेगा या नहीं, इस पर सवालिया निशान लगा है।

—Swapnil Bhogekar