
नागपुर – शादी के लिए जीवनसाथी की तलाश में मैट्रिमोनी वेबसाइट पर संपर्क करना एक महिला के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया। नागपुर के लकड़गंज पुलिस थाना क्षेत्र में शादी का रिश्ता जोड़ने के बहाने एक 44 वर्षीय महिला को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर 6 लाख 50 हजार रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने महिला का निजी वीडियो बनाकर उसे बदनामी का डर दिखाया और इसी के सहारे लंबे समय तक उससे पैसे ऐंठता रहा। इतना ही नहीं, रकम देने के बावजूद महिला का कथित मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न जारी रहा। जब महिला ने आगे पैसे देने से इनकार किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है।
इस घटना के सामने आने के बाद मैट्रिमोनी वेबसाइट के जरिए होने वाले परिचय, निजी मुलाकातों के दौरान बरती जाने वाली सावधानी और व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में लकड़गंज पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के लिए वेबसाइट पर हुआ था संपर्क
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुभाष पुतला परिसर में रहने वाली 44 वर्षीय महिला की पहचान वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से जरीपटका निवासी मयूर अशोक तलरेजा (39) से हुई थी। दोनों के बीच शादी के उद्देश्य से बातचीत शुरू हुई थी। महिला को उम्मीद थी कि इस परिचय के जरिए उसे एक योग्य जीवनसाथी मिल सकता है, लेकिन शिकायत के मुताबिक, आगे चलकर यही परिचय उसके लिए परेशानी का कारण बन गया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान मयूर ने महिला को मुलाकात के लिए एक होटल में बुलाया। वहां उसने कथित तौर पर धोखे से महिला का निजी वीडियो बना लिया। इसके बाद इसी वीडियो को आधार बनाकर महिला पर दबाव डालने और उसे ब्लैकमेल करने का सिलसिला शुरू हो गया।
निजी वीडियो दिखाकर बदनामी का डर दिखाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, निजी वीडियो सामने आने और उसके सार्वजनिक होने की आशंका से महिला तनाव में आ गई। सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी के डर के कारण वह आरोपी के दबाव में आ गई। आरोप है कि मयूर ने इसी परिस्थिति का फायदा उठाते हुए महिला से पैसों की मांग की।
महिला के लिए एक तरफ निजी वीडियो सार्वजनिक होने का डर था, तो दूसरी तरफ लगातार बढ़ता दबाव। इसी कथित ब्लैकमेलिंग के चलते वह आरोपी को पैसे देती रही। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो के जरिए दबाव बनाकर उससे अलग-अलग समय पर रकम वसूली गई।
सात महीने के दौरान 6.50 लाख रुपए देने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 1 अप्रैल 2026 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच महिला ने आरोपी को समय-समय पर कुल 6 लाख 50 हजार रुपए दिए। यह रकम एक बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग मौकों पर दिए जाने की बात सामने आई है।
रकम देने के पीछे महिला की मंशा कथित तौर पर निजी वीडियो के सार्वजनिक होने से बचना और आरोपी के दबाव से छुटकारा पाना थी। हालांकि, शिकायत के अनुसार, पैसे देने के बाद भी उसकी परेशानी खत्म नहीं हुई। आरोप है कि रकम वसूलने के बावजूद आरोपी ने महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना जारी रखा।
इस घटनाक्रम ने मामले को केवल पैसों की वसूली तक सीमित नहीं रखा, बल्कि निजी वीडियो के कथित दुरुपयोग और धमकी देकर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोपों का रूप दे दिया।
पैसे देने से इनकार किया तो जान से मारने की धमकी
शिकायत के अनुसार, जब महिला लगातार पैसे देने से परेशान हो गई और उसने आगे रकम देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद महिला के सामने अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई।
कथित ब्लैकमेलिंग और धमकियों से परेशान महिला ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास पहुंचकर अपनी आपबीती बताई। उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी मयूर अशोक तलरेजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज किया।
लकड़गंज पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान महिला द्वारा लगाए गए आरोपों, कथित तौर पर दी गई रकम, दोनों के बीच हुए संपर्क और निजी वीडियो से जुड़े पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। मामले में डिजिटल साक्ष्य और पैसों के लेन-देन से संबंधित जानकारी भी जांच के लिहाज से अहम हो सकती है।
हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
मैट्रिमोनी वेबसाइट पर परिचय करते समय सावधानी जरूरी
यह मामला उन लोगों के लिए भी चेतावनी है, जो शादी के लिए ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऑनलाइन परिचय के दौरान सामने वाले व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की पुष्टि करना, निजी तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचना तथा पहली मुलाकात के लिए सार्वजनिक स्थान चुनना जरूरी है।
यदि कोई व्यक्ति निजी फोटो या वीडियो के आधार पर पैसे मांगता है, धमकी देता है या लगातार दबाव बनाता है, तो डर के कारण चुप रहने के बजाय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। संबंधित संदेश, कॉल रिकॉर्ड, भुगतान की रसीदें और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना भी शिकायत की जांच में मददगार हो सकता है।
नागपुर के इस मामले में महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित तौर पर निजी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और 6.50 लाख रुपए वसूलने की पूरी घटना किस तरह अंजाम दी गई तथा आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है।



