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    Published On : Sat, Feb 27th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    कैट के भारत व्यापार बंद के दौरान आज देश भर में रहे बाज़ार बंद

    कैट ने जीएसटी नियमों को स्थगित करने और ई कॉमर्स में नए प्रेस नोट जारी करने की मांग की

    कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के भारत व्यापार बंद के आव्हान पर आज देश भर में 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों के 8 करोड़ से अधिक व्यापारियों ने अपना कारोबार बंद रख भारत व्यापार बंद में शामिल हुए और देश के बाज़ारों में कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं हुई ! भारत व्यापार बंद का आह्वान कैट ने गत 22 दिसंबर को और उसके बाद जीएसटी के नियमों में किए गए कुछ मनमाने और गैरकानूनी संशोधनों के खिलाफ व्यापारियों की आवाज़ बुलंद करने के लिया किया था वहीँ दूसरी ओर बड़ी विदेशी ई कॉमर्स कम्पनियॉं द्वारा लगातार सरकार के कानून और नीतियॉं के उल्लंघन पर लगाम कसने हेतु एफडीआई पालिसी के तहत प्रेस नोट 2 के स्थान पर एक नया प्रेस नोट जारी करने की मांग को लेकर किया ! केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल की बार-बार चेतावनी के बाद भी यह कंपनियां लगातार नीति का उल्लंघन कर यह बताने की कोशिश कर रही हैं की भारत के क़ानून और नीति कमजोर हैं !

    देश भर के बाजारों में आज वीरानी छाई रही तथा पूर्व से पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक सभी राज्यों के व्यापारियों ने अपना व्यापार बंद रखा और केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जीएसटी कॉउन्सिल को मजबूत सन्देश दिया की जीएसटी कर का उपनिवेशीकरण करने से व्यापार और अर्थव्यवस्था में व्यवधान पैदा होगा। देश भर में व्यापारी से व्यापारी (बी टू बी) और व्यापारी से उपभोक्ता (बी 2 सी) का व्यापार पूरी तरह से बंद रहा ! कैट ने बंद में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, केमिस्ट शॉप ,दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति करने वाले जनरल स्टोर को व्यापार बंद के दायरे से बाहर रखा ! ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल इंडिया एफएमसीजी प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, ऑल इंडिया वूमेन एंटरप्रेन्योरर्स एसोसिएशन, हॉकर्स जॉइंट एक्शन कमेटी, ऑल इंडिया कंप्यूटर मीडिया डीलर्स एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया वेजिटेबल ऑयल डीलर्स एसोसिएशन, नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और बड़ी संख्या पूरे भारत में बड़ी संख्यां में राष्ट्रीय और राज्य स्तर के संगठनों ने व्यापर बंद में भाग लिया। पूरे भारत में लगभग 8 करोड़ व्यापारियों, 1 करोड़ ट्रांसपोर्टरों, 3 करोड़ हॉकर्स और लगभग 75 लाख छोटे उद्योगों ने अपना कारोबार बंद रखा।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने भारत व्यापार बंद को जबरदस्त सफल बताते हुए कहा कि कर अधिकारियों को दी गई मनमानी और अनैतिक शक्तियां एक बार फिर से देश में इंस्पेक्टर राज लाएगी और इसका उपयोग कर अपराधियों पर करने की बजाय ईमानदार और कर पालन करने वाले व्यापारियों के उत्पीड़न के लिया किया जाएगा क्योंकि व्यापारियों का पूर्व का अनुभव यही है

    कैट ने मांग की है कि कानून या नियमों में कोई संशोधन लाने से पहले जीएसटी नियमों के विवादास्पद प्रावधानों को स्थगित किया जाए और व्यापारियों को विश्वास में लेकर ही नियमों एवं क़ानून में बदलाव किया जाए ! कैट ने यह भी कहा कि जीएसटी के तहत वर्तमान कर आधार और इस कर आधार से अर्जित राजस्व बहुत कम है और इसे दोगुना किया जा सकता है लेकिन जीएसटी कर प्रणाली को सरलीकृत और तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए और एक सामंजस्यपूर्ण साझेदारी के लिए व्यापारी सरकार का सहयोग करने के लिए तैयार है। कैट का यह स्पष्ट मत है की कर अपराधियों और कर वंचना करने वाले लोगों को अनुकरणीय सजा दी जानी चाहिए क्योंकि वे ईमानदार और कर पालन करने वाले व्यापारियों के लिए बहुत अनुचित प्रतिस्पर्धा लाते हैं लेकिन ‘त्रुटि’ और ‘चोरी’ के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझा जाना चाहिए।

    जीएसटी कानून और नियमों की जटिलता को रेखांकित करते हुए श्री भरतिया और श्री खंडेलवाल ने कहा कि “1 जुलाई 2017 को जीएसटी की घोषणा की गई थी जो वर्तमान में वास्तविक रूप से एक सरल कर था, लेकिन पिछले चार वर्षों में 1000 से अधिक संशोधनों के साथ जीएसटी को बेहद जटिल क़ानून बना दिया गया है। एक सामान्य व्यापारी की समझ से परे एक जटिल प्रणाली प्रणाली बन गई है ! श्री भरतिया एवं श्री खंडेलवाल ने चुनौती देते हुए कहा की “हम किसी भी सार्वजनिक मंच


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