Published On : Wed, Dec 14th, 2016

विधानभवन में मराठा समाज ने निकाला मोर्चा

dsc08354
नागपुर: आरक्षण के साथ अन्य माँगो को लेकर बुधवार को सकल मराठा समाज ने नागपुर में मोर्चा निकाला। कोपरडी घटना के बाद राज्य भर में मराठा समाज प्रदर्शन कर रहा है आज नागपुर में शुरू आंदोलन का अंतिम पड़ाव था। आंदोलन के आयोजकों का दावा था की लाखो लोग मोर्चे में शामिल होंगे लेकिन प्रदर्शन में 20 से 25 हजार लोग ही शामिल हुए। सकल मराठा समाज द्वारा शुरू प्रदर्शन का नागपुर में समालोचन प्रदर्शन था जिसके माध्यम से अपनी माँग सरकार तक पहुँचायी गयी। अन्य मोर्चो की ही तरह ही एक खास तरीके ये यह मोर्चा निकाला गया। नागपुर में ही एक और मूक प्रदर्शन हो चुका था जिसमे सिर्फ मराठा समाज से हिस्सा लिया था। नाम के विवाद के बाद आज सकल मराठा और कुनबी समाज के बैनर तले मूक मोर्चा निकाला गया। पर तय अनुमान के हिसाब से भीड़ कम दिखाई दी। इस मोर्चे में कुनबी समाज द्वारा भाग न लेने की जानकारी भी सामने आयी है।

5 लड़कियों के नेतृत्व में निकाला गया यह मोर्चा वेरायटी चौक होता हुआ जहाँ इसका समापन हुआ। यहाँ इस लड़कियों ने अपने भाषण में समाज की माँगो को सामने रखा। सहकार मंत्री चंद्रकांतदादा पाटिल और शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े से मिलकर आंदोलनकारियों की माँगो पर चर्चा की। आंदोलन की समाप्ति के बाद आंदोलन के पिछले तरीके को अपनाते हुए पांचों लड़कियों विधानभवन परिसर में जाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेंदन सौपा।

maratha-morcha-1
प्रदर्शन में नेताओं ने लिया भाग

सकल मराठा कुनबी समाज के मूक प्रदर्शन में जनप्रतिनिधियो ने भी भाग लिया। विधायक आशीष देशमुख , भाई जगताप ,आशीष शेलार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। विदर्भवादी नेता जामवंतराव धोटे ,पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के साथ कई राजनितिक दलो के नेताओं ने भाग लिया। इसके अलावा विधायक नितेश राणे और शिवजी से वंशज और राज्यसभा संसद शंम्भाजीराजे भोसले ने भी भाग लिया। आंदोलनकारियों का निवेदन लेने के बाद विनोद तावड़े ने मराठा आरक्षण पर सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए माँगों पर सरकार द्वारा गंभीरता से विचार करने का आश्वाशन दिया।

vinod-tawde-and-chandrakant-patil
राज्य भर में निकालें जाने वाले मोर्चो की प्रमुख माँग कोपरडी कांड आरोपियों को फाँसी की सजा देना , एट्रोसिटी कानून में बदलाव करना , समाज के लिए आरक्षण की माँग के साथ किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू किया जाना प्रमुख है। अपने भाषण में मोर्चे का प्रतिनिधित्व कर रही लड़कियों ने बाबासाहेब पुरंदरे से महाराष्ट्र भूषण पुरुस्कार वापस लेने और डॉ गोविन्द पानसरे ,नरेन्द्र दाभोलकर के हत्यारो को जल्द पकड़ने की माँग सरकार से की। भाषण में बिंदुवार ढंग से माँगो को सामने रखा गया। मराठा समाज के आंदोलन को देखते हुए पुलिस का तगड़ा बंदोबत लगाया गया था खुद पुलिस आयुक्त के वेंकटेशम और सहायक पुलिस आयुक्त संतोष रस्तोगी , डीसीपी क्राइम रंजन कुमार शर्मा खुद सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखे हुए थे।