Published On : Sat, Apr 1st, 2017

शहर के कई नामचीन होटलों और क्लबों की भी बंद हुई शराब बिक्री

नागपुर: सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य महामार्गों से 500 मीटर के दायरे में आनेवाली शराब दुकानों को हटाने के आदेशों के बाद देश भर के साथ नागपुर जिले में शराब दुकानों को सील लगाने का काम राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अधिकारियों ने शुरू किया। खास बात यह है कि 31 मार्च की मध्यरात्रि अर्थात एक अप्रैल लगते ही रात भर सील लगाने की कार्रवाई में विभाग के अधिकारी कर्मचारी व्यस्त रहे।

शनिवार दोपहर बाद भी यह काीर्रवाइयां शाम तक चलती रही। बताया जा रहा है कि जिन शराब केंद्रों में विशेष तौर से बियर बारों में ताले मिले उन्हें बाद में सील किया गया। अदालत के कड़ रुख को देखते हुए शराब बिक्री केंद्र संचालकों ने पहले से ही इसके िलए तैयारियां कर रखी थीं। इस कार्रवाई में शहर के बड़े और पॉश होटलों और पबों के भी शराब बिक्री केंद्रों को बंद कर दिया गया।

ऐसे होटलों में सदर के होटल तुली इंटरनेशनल, होटल हैरिटेज, होटल वी-5, होटल अशोका, होटल रेडिसन ब्ल्यू, लीमेरिडियन, होटल एयरपोर्ट सेंटर प्वाइंट, होटल लीजेंट, बारबेक्यू नेशन आदि का समावेश है।

इसी तरह क्लबों में तीन क्लब अर्थात महाराबाग क्लब, एमआईए क्लब और ईस्टर्न स्पोर्ट क्लब में भी शराब बिक्री पर बंदी लगा दी गई है।

राज्य उत्पादन शुल्क मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में सर्वोच्च अदालत आदेश का अनुपालन सख्ती से कराया जा रहा है। राज्य में 25513 में से 15699 परमिटों पर इसका परिणाम होगा। इससे सरकार को करीब 7 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि पीडब्ल्यूडी विभाग के जीआर के अनुसार मनपा या स्थानीय स्वराज संस्थाओं के पास से या भीतर से जानेवाले महामार्ग को अधिग्रहित कर उसे महामार्ग की सूची से हटाया जा सकता है। हालांिक उन्होंने साफ किया कि बंद की गई शराब दुकानों को स्थानांतरित करने पर ट्रांस्फर फीस नहीं ली जाएगी।