Published On : Thu, Aug 24th, 2017

लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित का निलंबन नहीं होगा वापस

न्ई दिल्ली: मालेगांव बम धमाके के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित नौ साल बाद जेल से बाहर आ गए हैं, लेकिन सेना उनका निलंबन तुरंत वापस नहीं लेगा. हालांकि रिहाई के बाद उन्हें लेने के लिए सेना की तीन गाड़ियां तलोजा जेल पहुंची थीं. 9 साल बाद नवी मुंबई के तलोजा जेल से रिहा हुए लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित रिहाई के बाद सीधे कोलाबा में मिलिट्री इंटेलिजेंस की अपनी यूनिट में गए. सेना की ओर जारी बयान में कर्नल पुरोहित को लेकर कुछ नियम कायदे बताए गए हैं. आइए उनपर नजर डालते हैं.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को 20 जनवरी 2009 को गिरफ्तारी के कारण निलंबित किया गया था. जमानत के बाद भी फिलहाल पुरोहित निलंबन में ही रहेंगे. उनका निलंबन तुरंत वापस नहीं होगा.
  2. जेल से बाहर आने के बाद पुरोहित को सबसे पहले अपनी पुरानी यूनिट में रिपोर्ट करना होगा. फिलहाल पुरोहित को कोलाबा मे सेना के इंटेलिजेंस यूनिट मे ले जाया गया है.
  3. केस के निस्तारण और जमानत पर बाहर होने की अवधि में कर्नल पुरोहित को किसी सैन्य यूनिट में अटैच किया जाएगा. उम्मीद है कि उसे मुम्बई मे ही रखा जाएगा क्योंकि मुम्बई मे ही एनआईए मालेगांव धमाके की जांच कर रहा है.
  4. निलंबन के दौरान पुरोहित अपनी सैनिक वर्दी पहनेंगे, हालांकि वह चाहें तो सादे कपड़े भी पहन सकते हैं.
  5. डिफेंस सर्विसेज रेगुलेशन पैरा 349 के अनुसार निलंबन कि स्थिति में सैन्य अधिकारी को ओपन अरेस्ट की स्थिति में रखा जाता है. लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित को भी ओपन अरेस्ट की स्थिति में रखा जाएगा. उन पर कई तरह की बंदिशें रहेंगी.
  6. ओपन अरेस्ट के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर कई पाबंदियां होंगी जो उनकी यूनिट का कमांडिंग अधिकारी तय करेगा.
  7. निलंबन की पाबंदियों के तहत उनके लिए मूवमेंट की हद निर्धारित की जाएगी. उन्हें सैन्य यूनिट में रहना होगा और वो किसी जलसे या जनसभा में भाग नहीं ले सकेंगे. बिना इजाजत वो कही नही जा सकते.
  8. सुप्रीम कोर्ट से आये ले.कर्नल पुरोहित के बेल आर्डर का अध्ययन करने के बाद सेना उनके निलंबन पर आगे कोई फैसला लेगी.
  9. ओपन अरेस्ट के दौरान पुरोहित पर कई पाबंदियां होंगी जो उनकी यूनिट का कमांडिंग अधिकारी तय करेगा.
  10. निलंबन की पाबंदियों के तहत लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित लिये मूवमेंट की हद निर्धारित की जाएगी. उन्हें सैन्य यूनिट में रहना होगा और वो किसी जलसे या जनसभा में भाग नहीं ले सकेंगे. बिना इजाजत वो कही नही जा सकते.