Published On : Thu, Feb 19th, 2015

अमरावती : शिक्षा को बनाए हथियार


मौलाना मदनी ने कहा

19 Jalsa
अमरावती। जमीयत उलमा ए हिंद के जनरल सेक्रेटरी हजरत मौलाना महमूद असद मदनी ने कहा कि शिक्षा में लगन व मेहनत से हर संभव चीज पाई जा सकती है. शिक्षा को हथियार बनाकर अपनी तकदीर बनाई जा सकती है. किसी भी काम को मेहनत व लगत से करे, खुद में इतनी काबीलियत पैदा करे की कोई भी शख्स तुम्हारा अधिकार व हक ना छीन पाये. खुद में बदलाव लाने का प्रयास करे. वह गुरुवार की दोपहर वलगांव रोड स्थित डिप्टी ग्राऊड परिसर में आयोजित जलसा उसुल ए इन्साफ व पैगाम अमन कार्यक्रम में बोल रहे थे. अल्पसंख्यक समुदाय को आरक्षण, बेगुनाह लोगों की रिहाई के साथ फिरकापरस्त ताकतों की मुखालफत करने के उद्देश से आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र प्रदेश के अध्यक्ष हजरत मो.हाफीज नदीम सिद्दीकी प्रमुखता से उपस्थित थे.

धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं
मौलाना मदनी ने कहा कि आज जज्बाती बाते कर युवाओं बुनियादी कामों से हटाया जाता है, उन्हें इस्लाम के कार्टून तो नजर आते है, लेकिन इस्लाम का नाम लेकर जो काम किये जा रहे है, वह दिखाई नहीं दे. किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं देना चाहिये, बल्कि उस धर्म की आर्थिक, सामाजिक व शैक्षणिक दृष्टि को देखकर आरक्षण दे.

करेगे जेल भरो आंदोलन
हाफीज नदीम सिद्दीकी ने कहा कि राज्य में मराठा समाज के साथ मुस्लिम समाज को भी 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था, लेकिन विस में राज्य सरकार ने दुजाभाव दिखाकर मराठा को आरक्षण तो दिया, लेकिन मुस्लिम आरक्षण को रद्द कर दिया. आरक्षण के लिए जमीयतुल उलेमा ने राज्य भर में धरना आंदोलन किया. 9 मार्च को मुंबई में फिर अधिवेशन शुरु हो रहा है, इस अधिवेशन में मुस्लिम आरक्षण का प्रस्ताव नहीं रखा गया, तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा. कार्यक्रम की प्रस्तावना मुफ्ती जीयाउल्ला व संचालन मौलवी मुसवीर व मौलावी मुजाहेद ने किया. मंचासीन मौलाना सिराज, एड शे.सुलतान, मौलान शफीक, खारी मसुद, मुफ्ती जाबीर, शे. नुर समेत अन्य उलेमा व मौलान उपस्थित थे.