Published On : Mon, Aug 31st, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

महाराष्ट्र SIR: करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर, 2024 की वोटर लिस्ट पर उठे गंभीर सवाल

Advertisement

महाराष्ट्र SIR: करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर, 2024 की वोटर लिस्ट पर उठे गंभीर सवालमुंबई: महाराष्ट्र में Special Intensive Revision (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने राज्य की चुनावी प्रक्रिया और पिछली वोटर लिस्ट को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। करीब 2 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर होने के दावे के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर मतदाता रिकॉर्ड में बदलाव कैसे हुआ।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र की मतदाता सूची में करीब 40 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई थी। उस समय मतदाताओं की संख्या में हुई इस तेज बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठे थे। चुनाव आयोग ने उस समय मतदाता सूची की प्रक्रिया पर भरोसा जताया था।

अब, करीब दो साल बाद SIR के दौरान बड़ी संख्या में नामों के ड्राफ्ट सूची से बाहर होने की खबर ने उसी पुराने रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

दो साल में इतना बड़ा बदलाव क्यों?

अगर 2024 की मतदाता सूची सही और व्यापक सत्यापन के बाद तैयार की गई थी, तो SIR के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नाम बाहर होने के पीछे क्या कारण हैं?

क्या इन मतदाताओं की पहचान, निवास, मृत्यु, स्थानांतरण या डुप्लीकेट रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं थीं? या फिर पिछली मतदाता सूची में ही ऐसे नाम शामिल हो गए थे जिन्हें अब सत्यापन के बाद हटाया जा रहा है?

Advertisement

इन सवालों का स्पष्ट जवाब आधिकारिक, कारणवार आंकड़ों से ही मिल सकेगा।

40 लाख नए मतदाताओं से लेकर 2 करोड़ नामों तक

2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच महाराष्ट्र की मतदाता सूची में करीब 40 लाख मतदाताओं के जुड़ने का मुद्दा चर्चा में रहा था। अब SIR के दौरान करीब 2 करोड़ नामों के ड्राफ्ट रोल से बाहर होने के दावे ने उस समय की मतदाता सूची की प्रक्रिया को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

हालांकि, ड्राफ्ट रोल से नाम बाहर होना अंतिम रूप से मताधिकार खत्म होना नहीं है। SIR की प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है। इसके बाद सत्यापन और सुनवाई के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

असली तस्वीर अंतिम सूची के बाद साफ होगी

फिलहाल सबसे जरूरी है कि प्रशासन और चुनाव आयोग यह स्पष्ट करे कि ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए नामों की संख्या में से कितने मामले मृत मतदाताओं, स्थानांतरित मतदाताओं, डुप्लीकेट प्रविष्टियों या अन्य कारणों से जुड़े हैं।

साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद कितने नाम वापस मतदाता सूची में जोड़े जाते हैं।

यही आंकड़े बताएंगे कि SIR के दौरान हुई कटौती वास्तव में मतदाता रिकॉर्ड को साफ करने की सामान्य प्रक्रिया थी या पिछली मतदाता सूची में बड़ी संख्या में ऐसे नाम शामिल थे जिनका सत्यापन अब किया जा रहा है।

महाराष्ट्र की राजनीति पर भी असर

मतदाता सूची में इतने बड़े बदलाव का राजनीतिक असर होना तय माना जा रहा है। महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष पहले से ही चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठाते रहे हैं।

ऐसे में SIR की अंतिम सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं होगी, बल्कि राज्य की राजनीतिक बहस में भी इसका बड़ा महत्व रहेगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है-2024 की मतदाता सूची में जो संख्या दर्ज थी और SIR के बाद जो अंतिम संख्या सामने आएगी, उनके बीच इतना बड़ा अंतर क्यों है?

इसका जवाब अंतिम मतदाता सूची और विस्तृत आधिकारिक डेटा सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.