Published On : Thu, Aug 14th, 2025
By Nagpur Today Nagpur News

महाराष्ट्र पुलिस का आदेश: अवैध पशु परिवहन पर कार्रवाई सिर्फ पुलिस करेगी, निजी लोगों पर रोक

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मुंबई:  कानूनी पशु व्यापारियों को परेशान करने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने आदेश जारी किया है कि अवैध पशु परिवहन के मामलों में कार्रवाई सिर्फ पुलिस और अधिकृत सरकारी अधिकारी ही कर सकते हैं। यह आदेश उपमुख्यमंत्री अजित पवार के हस्तक्षेप के बाद आया है, जिन्होंने हाल ही में कुरैशी समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।

यह परिपत्र विशेष पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जारी किया। इसमें साफ कहा गया है कि किसी भी निजी व्यक्ति या समूह को वाहनों को रोकने, कागज जांचने या व्यापारियों से मारपीट करने का अधिकार नहीं है।

आदेश की मुख्य बातें:

  • कार्रवाई का अधिकार: केवल पुलिस या अधिकृत अधिकारी ही अवैध पशु परिवहन के मामलों में कार्रवाई कर सकते हैं।
  • कानूनी व्यापारियों की सुरक्षा: जो व्यापारी सभी नियमों का पालन करते हैं, उन्हें परेशान न किया जाए।
  • जब्त पशुओं की वापसी: नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों से जब्त किए गए पशु जल्द लौटाए जाएं।
  • कानूनी प्रावधान: कार्रवाई महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976 (संशोधित 2015) की धारा 8(3) के तहत होगी।

कुरैशी समाज के साथ अजित पवार की बैठक

6 अगस्त को अजित पवार ने कुरैशी समाज के नेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जिनमें डीजीपी रश्मि शुक्ला और मुंबई पुलिस आयुक्त देवन भारती शामिल थे, से मुलाकात की।

  • समाज ने आरोप लगाया कि अवैध ‘गौरक्षक’ (स्वघोषित गोरक्षक) वाहनों को रोकते हैं, मारपीट करते हैं और झूठे केस दर्ज करते हैं।
  • उन्होंने अवैध गौरक्षकों पर रोक, झूठे मामलों की वापसी और लाइसेंस संबंधी पाबंदियों में ढील की मांग की।
  • पवार ने आश्वासन दिया कि कानूनी पशु परिवहन करने वालों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा।

पृष्ठभूमि

2015 में गोहत्या पर प्रतिबंध लागू होने के बाद महाराष्ट्र में भैंस और अन्य कानूनी पशुओं का परिवहन जारी है, लेकिन व्यापारी आरोप लगाते हैं कि गौरक्षकों की कार्रवाइयों से हिंसा, जान-माल का नुकसान और कृषि-आधारित मांस व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ा है। समाज ने चेतावनी दी कि अगर यह उत्पीड़न नहीं रुका तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं।

Q1: महाराष्ट्र में अवैध पशु परिवहन पर अब कार्रवाई कौन करेगा?
केवल पुलिस और अधिकृत सरकारी अधिकारी ही कार्रवाई कर सकते हैं। निजी लोग हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

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Q2: अगर व्यापारी कानूनी तरीके से पशु ले जा रहा है तो?
उसे परेशान नहीं किया जाएगा और जब्त किए गए पशु सत्यापन के बाद लौटा दिए जाएंगे।

Q3: कौन सा कानून लागू होगा?
महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम, 1976 (संशोधित 2015) की धारा 8(3)।

Q4: अजित पवार ने क्या निर्देश दिए?
जिला पुलिस प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि निजी व्यक्ति कानूनी पशु परिवहन की जांच न करें।

 

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