Published On : Fri, Jul 8th, 2016

फड़नवीस कैबिनेट का विस्तार, 10 नए मंत्री शामिल, शिवसेना कोटे से 2 और राज्यमंत्री

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए.
600334865-Maharashtra-Cabinet-expansion_6Mumbai/Nagpur: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने 10 नए मंत्रियों को शामिल करते हुए अपनी कैबिनेट का शुक्रवार को विस्तार किया. शिवसेना के दो विधायकों को राज्यमंत्री के रूप में शामिल किया गया है. पहले से सरकार में शामिल शिवसेना के राम शिंदे को कैबिनेट मंत्री के तौर पर प्रमोशन दिया गया है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए.

शिवसेना ने एकनाथ खड़से के धुर विरोधी गुलाबराव पाटिल और मराठवाड़ा के जालना से विधायक अर्जुन खोतकर को राज्यमंत्री बनाने का फैसला लिया। शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसका ऐलान किया। इसके अलावा बीजेपी की तरफ से 6 मंत्री बनाए गए।

विदर्भ के खामगांव से विधायक पांडुरंग फुंडकर, यवतमाल से मदन येरावार और सोलापुर के विधायक सुभाष देशमुख, ये तीन उम्रदराज मंत्री बन गए जबकि डोंबिवली से विधायक रविंद्र चव्हाण, जयकुमार रावल और मराठवाड़ा के निलंगा से विधायक संभाजी पाटिल जैसे युवा चेहरों को मौका मिला है।

बीजेपी ने अपने कोटे से मंत्रिपद सहयोगी दलों को देने का फैसला किया। इसके तहत धनगर समाज के नेता महादेव जानकर और किसान नेता सदाभाऊ खोत को मंत्री बनाया गया। जानकर राष्ट्रीय समाज पार्टी के अध्यक्ष हैं। तो सदाभाऊ खोत शेतकरी संगठन के नेता हैं। दोनों पश्चिम महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले विधान परिषद के सदस्य हैं।

3 बार सांसद और 3 बार विधायक, पूर्व मंत्री रहे पांडुरंग फुंडकर महाराष्ट्र बीजेपी के दो बार अध्यक्ष भी थे। संभाजी पेशेवर पायलट हैं। साथ ही धुले के दोंडाईचा राजघराने के वंशज जयकुमार रावल को भी मंत्री बनाया जाएगा। रावल इंग्लैण्ड की कार्डिफ यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट पढ़े हैं।

इस कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ कुछ फेरबदल भी संभव हैं. सरकार के सूत्रों की मानें तो विनोद तावड़े से मेडिकल एजुकेशन विभाग की जिम्मेदारी वापस ली जा सकती है. वहीं मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के करीबी गिरीश महाजन को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. महाजन को आबकारी विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिल जाने की संभावना है.

लोक निर्माण मंत्री चंद्रकांत पाटिल को राजस्व मंत्रालय मिलने की संभावना है, जो कि खड़से के इस्तीफे के बाद से खाली है. पाटिल से टेक्सटाइल का जिम्मा लिया जा सकते है, जिसे मदन येरावर को सौंपा जा सकता है.