Published On : Wed, Sep 6th, 2017

महाराष्ट्र: गणपति विसर्जन के दौरान 11 लोगों की मौत, नागपुर शहर में एक भी मौत नहीं

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Ganesh Visarjan
नागपुर: मुंबई और महाराष्ट्र के अनेक इलाकों में भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 11 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद जिले में बिदकिन के पास शिवनाई लेक में विसर्जन के दौरान तीन लोग डूब गए. राज्य पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने यहां बताया कि औरंगाबाद में तीन लोगों की मौत के अलावा, पुणे में चार, जलगांव में दो, नाशिक और बीड जिले में एक-एक व्यक्ति की जानें चली गईं. बहरहाल उनकी मौत के बारे में विस्तृत जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है. मुंबई में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के आधिकारिक आवास में स्थापित प्रतिमा को कृत्रिम (ऑर्टिफिशियल) तालाब में विसर्जित किया गया.

मूर्ति विसर्जन के दौरान मुसालगांव के एक तालाब में सेना के जवान संदीप शिरसत और एक अन्य स्थानीय नागरिक रामेश्वर की डूबने से मौत हो गई. जबकि जिले के अन्य गांवों में नीलेश पाटील, भूषण कास्बे, सुमित पवार, अमोल पाटील और रोशन साल्वे की डूबकर मौत हो गई.

वर्धा जिले में नदी में विसर्जन के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति के साथ सेल्फी लेने के क्रम में तीन छात्रों की डूबकर मौत हो गई. जबकि उनके एक दोस्त को स्थानीय नागरिकों ने बचा लिया.

गोदावरी में विसर्जन के दौरान वालुज के एक स्कूल शिक्षक परमेश्वर शेनगुले की डूबने से मौत हो गई. वहीं नांदेड़ में एक सफाईकर्मी की भी मौत हो गई. जलगांव की कांग नदी में दो युवा पानी के तेज प्रवाह में बह गए. एक का शव बरामद कर लिया गया, जबकि एक अन्य लापता है. पुणे में विसर्जन के बाद से दो लोग लापता हैं. अभी इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.

नागपुर कमिश्नर डॉ. के वेंकेटेशम् – नागपुर टुडे से बातचीत करते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. के वेंकेटेशम ने बताया कि इस साल गणेश विसर्जन को लेकर काफी गंभीरता से उपाय योजना की गई हैं। पिछले साल का अनुभव पुलिस अधिकारी, नागपुर महानगर पालिका तथा आम जनता से साझा किया गया। गणेश विसर्जन को लेकर तालाब नदी और महत्वपूर्ण ठिकानों पर जाकर सर्वे किया गया था। समूचे नागपुर शहर में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे गणेश विसर्जन के ठिकानों पर लगाए गए। साथ ही नागपुर से सटी जुनी कामठी के महादेव घाट में 13 कैमरे अतिरिक्त लगाए गए।

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सुरक्षा के दॄष्टि से नागपुर शहर में गणेश विसर्जन के दौरान 5 डीसीपी ,6 एसीपी ,47 पुलिस निरीक्षक ,140 सहायक पुलिस निरीक्षक तथा पुलिस सबइंस्पेक्टर और 4000 पुलिस कर्मचारी के साथ ट्रैफिक शाखा से 1 डीसीपी, 7 पुलिस निरीक्षक ,45 सहायक पुलिस निरीक्षक और पुलिस उपनिरीक्षक के साथ 500 ट्रैफिक कर्मचारी मौजुद थे। हर कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की गई थी। फुटाला तालाब में नागपुर महानगर पालिका की मदद से 50 गोताखोर तैनात किए गए थे। साथ ही नागपुर के अधिकांश तालाबों की टीन से घेराबंदी की गई थी.

अधिकांश तालबों में गणेश विसर्जन पर रोक लगाए जाने से अधिक कृत्रिम विसर्जन टैंक उपलब्ध कराए गए थे. नागपुर की जनता ने भी काफी सहयोग किया साथ ही मिडिया द्वारा अपनाई गई सकारात्म भूमिका के प्रति आभार माना. उन्होंने कहा जिस तरह से महाराष्ट्र में गणेश विसर्जन के दौरान 11 लोगों की मौत हुई है यह दुःखद है. लेकिन नागपुर में गणेश विसर्जन को लेकर कोई भी दुखद घटना हुई नहीं, यह एक टीम वर्क का ही परिणाम.

—रविकांत कांबले

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