Published On : Wed, Jun 16th, 2021

घाटे वाली भूमिगत कोयला खदानें भी होंगी बंद

– प्रत्येक वर्ष 5 % कामगारों की होगी छंटनी

नागपुर– कोल इंडिया (CIL) के नए निर्णय के अनुसार वह खर्च को घटाने के लिए अगले 5-10 वर्षों तक प्रत्येक वर्ष 5 % कामगारों को कम करेगी। अभी कंपनी के कामगारों की संख्या लगभग 2,72,000 है। मार्च क्वार्टर का रिजल्ट घोषित करने के एक दिन बाद कंपनी ने बताया कि वह घाटे वाली खदानों को बंद करने की भी तैयारी कर रही है।

कोल इंडिया के पास 158 भूमिगत खदानें हैं और इनमें कंपनी की वर्कफोर्स का 43 % काम करता है। ये खदान इसके कुल प्रोडक्शन में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देती हैं।

CIL के अनुसार नुकसान वाली खदानों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। ऐसी 11 भूमिगत खदानों से उत्पादन पहले ही रोक दिया गया है।

खर्च पर नियंत्रण करने के लिए कोल इंडिया ‘ग्रीनफील्ड प्रोजक्ट्स’ पर जोर देगी।

CIL का मार्च में समाप्त हुए क्वार्टर में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 0.8 प्रतिशत घटकर 4,588.96 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वर्ष के इसी क्वार्टर में कंपनी का प्रॉफिट 4,655.76 करोड़ रुपये का था।

कंपनी के बोर्ड ने पिछले आर्थिक वर्ष के लिए 3.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की अनुमति दी है।

कंपनी को पिछले कुछ वर्षों से उत्पादन बढ़ाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और इस वजह से यह खर्च घटाने और उत्पादन में सुधार की कोशिशें कर रही है।